हैदराबाद विश्वविद्यालय परिसर में नॉलेज पार्क परियोजना का विरोध
हैदराबाद, 23 मार्च (आईएएनएस)। 'नॉलेज एंड इनोवेशन पार्क' (केआईपी) के लिए पट्टे पर हैदराबाद विश्वविद्यालय के परिसर में ही 200 एकड़ भूमि देने के विश्वविद्यालय के फैसले का शिक्षक और छात्र कड़ा विरोध कर रहे हैं।
संकाय, गैर शिक्षण स्टाफ और छात्रों की संयुक्त कार्रवाई समिति (जेएसी) इस फैसले का विरोध कर रही है। जेएसी को विपक्षी दलों का भी समर्थन प्राप्त है। विरोध के चलते केंद्रीय विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इस प्रस्ताव को रोक लेना पड़ा है।
कुलपति सईद ई. हसनैन कहते हैं कि यद्यपि परियोजना को रद्द नहीं किया गया है लेकिन वह पार्क स्थापित करने के लिए कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा, "मैं विश्वविद्यालय के हित में इस परियोजना के समर्थन में था लेकिन यह एक द्विपक्षीय परियोजना है इसलिए अब आंध्र प्रदेश सरकार को इस संबंध में निर्णय लेना है।"
जेएसी ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में इस परियोजना का विरोध किया था। तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी जेएसी का साथ दिया था। विरोध के बाद कार्यकारी परिषद ने इस परियोजना को रोक लेने का निर्णय लिया है।
उपकुलपति का कहना है कि अनुसंधान कार्यो को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की साझेदारी में केआईपी विकसित किया जा रहा था और इससे विश्वविद्यालय के लिए जरूरी कोष मिलने में मदद मिलेगी जबकि जेएसी ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय बाहरी लोगों को बहुमूल्य जमीन बेच रहा है।
कुलपति के मुताबिक इस परियोजना से विश्वविद्यालय को 100 करोड़ रुपये की संचित निधि मिलेगी। इस परियोजना में विश्वविद्यालय की 89 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी जबकि आंध्र प्रदेश इंडस्ट्रीयल इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन (एपीआईआईसी) की 11 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।
जेएसी संयोजक एन. पुरेंद्र प्रसाद का कहना है, "विश्वविद्यालय 100 करोड़ रुपये के लिए 4,000 करोड़ रुपये की कीमत की जमीन बेच रहा है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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