धूम्रपान से महिलाओं की याददाश्त पर असर
शोधकर्ताओं ने 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग के 287 पुरुषों और महिलाओं पर एक अध्ययन किया था। उन्होंने पाया कि याददाश्त के लिए किए गए मानक परीक्षण में पूर्व में मद्यपान करने के कारण समस्याओं से ग्रस्त और मद्यपान न करने वाले लोगों के लिए एक जैसे ही परिणाम प्राप्त हुए।
जब धूम्रपान करने वाले लोगों पर यह परीक्षण किया गया तो परिणाम कुछ अलग मिले।
जो महिलाएं धूम्रपान की आदी रही थीं उनकी याददाश्त में धूम्रपान के आदी रहे पुरुषों की तुलना में कमी देखी गई। शोधकर्ताओं के मुताबिक पुरुषों की याददाश्त पर धूम्रपान का असर नहीं देखा गया।
मद्यपान और धूम्रपान पर किए गए शोध में मिले अलग-अलग निष्कर्षो के कारण पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हैं। यह भी जरूरी नहीं है कि मद्यपान की गंभीर समस्या का दीर्घकालीन याददाश्त व अन्य संज्ञानात्मक क्षमताओं पर असर नहीं होगा।
आयोवा विश्वविद्यालय की शोधकर्ता क्रिस्टीन कैस्पर्स कहती हैं कि महिलाओं की याददाश्त पर ही धूम्रपान का असर दिखने और पुरुषों में ऐसा न होने में ं इस्ट्रोजन हार्मोन की भूमिका हो सकती है।
जानवरों पर हुए एक शोध में पता चला है कि निकोटिन रक्त में इस्ट्रोजन का स्तर नियंत्रित करता है और मस्तिष्क कोशिकाओं पर हार्मोन के सकारात्मक प्रभाव को रोकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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