पुरानी है रुपयों की माला की परंपरा: बसपा

Mayawati Rally
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को पहनाई गई रुपयों की माला के मुद्दे पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने कहा है कि विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह उठा रहा है. पार्टी ने कहा है कि देश में नेताओं को पैसा देने या उन्हें पैसों से तौलने का बहुत पुराना रिवाज है और यह हर राजनीतिक दलों में होता आया है.

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक बयान में कहा, ''नेताओं को रुपयों की माला पहनाना, सोने या चाँदी के मुकुट देना और पार्टी कोष के लिए उन्हें सिक्कों से तौलने की पुरानी परंपरा है. ऐसा सभी पार्टियों में बहुत पहले से होता आया है.'' उन्होंने कहा कि बसपा नियमित रूप से आयकर रिर्टन दाखिल करती है.

कहाँ से आए इतने रुपए

मौर्य ने कहा है कि बसपा की रैली की सफलता से हताश विपक्ष रुपयों की माला के प्रकरण को ऐसे उठा रहा है जैसे यह अपनी तरह का पहला मामला हो. दूसरी ओर समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ आयकर विभाग ने इस बात की जांच करने का फ़ैसला किया है कि एक हज़ार रुपए के नोटों की माला बनाने के लिए नोट कहाँ से आए.

माना जा रहा है कि इस माला में 10 से 20 करोड़ रुपए लगे थे, आयकर विभाग यह पता लगाएगा कि पैसा कहाँ से आया. इस मामले की जाँच आयकर विभाग का लखनऊ कार्यालय करेगा क्योंकि जहाँ मायावती को रुपयों की माला पहनाई गई वह जगह लखनऊ कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आती है.

इस बीच मुख्यमंत्री मायावती ने राज्य सरकार के मंत्रियों और बसपा के सांसदों की बैठक बुलाई है. इसमें पार्टी के विधायकों और संयोजकों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया है. बैठक में अन्य मामलों के साथ-साथ माला प्रकरण पर भी चर्चा होने की संभावना है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+