देशव्यापी एलपीजी वितरक योजना का शुभारंभ
इस योजना के प्रथम चरण में देश के आठ राज्यों में 1200 ग्रामीण वितरक नियुक्त होंगे जिनमें राजस्थान के 192 वितरक शामिल होंगे। समारोह में पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से पांच मिनट की एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने इस अवसर पर कहा कि सरकार का यह प्रयास है कि देश में ज्यादा से ज्यादा रिफाइनरी स्थापित हो। उन्होंने बताया कि राजस्थान में प्रस्तावित रिफाइनरी के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है जिसकी रिपोर्ट 15 दिन में मिल जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्राकृतिक गैस व पेट्रोलियम पदाथरें पर दी जाने वाली सब्सिडी जिन लोगों के लिए है, उन तक पहुंचें। उन्होंने राज्य सरकार से भी केरोसीन वितरण व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने को कहा ताकि गरीब से गरीब परिवारों को केरोसीन सुलभ हो सके।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री डॉ. सी.पी. जोशी ने कहा कि गांव के लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने की दृष्टि से आरजीजीएलवी योजना का शुभारम्भ एक महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह के प्रारम्भ में आर.जी.जी.एल.वी. योजना के तहत चार जिलों के वितरकों का ड्रा निकाल कर चयन किया गया। सीकर जिले के खाटू व सिरोही, झुंझुनू जिले के डूण्डलोद व छापोली, चूरू जिले के सालासर तथा नागौर जिले के बासनी गांवों के वितरकों का ड्रा निकाला गया।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने संबोधन में कहा कि प्रदेश के बाड़मेर, जैसलमेर व बीकानेर क्षेत्र में तेल व प्राकृतिक गैस की संभावनाओं को देखते हुए आने वाले समय में राजस्थान का विकास गतिशील होगा। उन्होंने कहा कि जिस ऐतिहासिक योजना की आज शुरूआत हुई है उससे गांवों में रसोई गैस उपलब्ध होने से पर्यावरण सुधरेगा, खेतों की स्थिति में सुधार आएगा, पेड़ों की कटाई रूकेगी तथा वन क्षेत्र का विस्तार हो सकेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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