ईरान के खिलाफ साइबर युद्ध छेड़ने का आरोप
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार आईआरआईबी ने 10 मिनट का एक विशेष कार्यक्रम प्रसारित किया है। यह कार्यक्रम देश की खुफिया सेवा द्वारा तैयार किया गया है। इस कार्यक्रम में कहा गया है कि अमेरिका वेब के जरिए ईरानी समुदाय में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है और ईरानियों को सरकार के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए उकसा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार कथित अमेरिकी साजिश में दो पूर्व छात्र कार्यकर्ता (अहमद बातेबी और कैवान राफी) मुख्य रूप से शामिल है। ये अपने सभी अभियानों को ईरान में तथाकथित एसोसिएशन फॉर डिफेंडिंग ह्यूमन राइट्स के बैनर तले संचालित कर रहे हैं।
टीवी रिपोर्ट में बातेबी को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश से हाथ मिलाते हुए दिखाया गया है। लेकिन इसमें तारीख और स्थान का जिक्र नहीं किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (आईएसआई) ने इस साजिश के लिए कम से कम 40 करोड़ डॉलर आवंटित किया है। साजिश का नाम 'ऑपरेशन डीस्टेबलाइजिंग ईरान' रखा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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