हिमाचल में जलविद्युत संयंत्र के लिए एडीबी ने दी कर्ज की दूसरी किस्त
शिमला, 14 मार्च (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश में चार जल विद्युत उत्पादन संयंत्र स्थापित करने के लिए राज्य को जल्द ही एशियाई विकास बैंक (एडीबी) से मिलने वाले करोड़ों डॉलर के कर्ज की दूसरी किस्त प्राप्त होगी।
हिमाचल प्रदेश विद्युत निगम (एचपीपीसीएल) के प्रबंध निदेशक तरुण कपूर ने एक साक्षात्कार में आईएएनएस को बताया, "हिमाचल प्रदेश क्लीन एनर्जी डेवलपमेंट इंवेस्टमेंट प्रोग्राम के तहत एडीबी बैंक जल्द ही 5.91 करोड़ रुपये के कर्ज की दूसरी किस्त जारी करेगा। इस संबंध में शुक्रवार को नई दिल्ली में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।"
यह राशि एडीबी द्वारा जारी किए गए 80 करोड़ डॉलर की दूसरी किस्त है। यह संयंत्र शिमला जिले में सावारा-कुड्डू (111 मेगावाट), किन्नूर जिले में कशांग (195 मेगावाट), शोंगतांग-कारछाम (402 मेगावाट) और कुल्लू जिले में सैनज (100 मेगावाट) में लगाए जाएंगे।
इन परियोजनाओं की कुछ अनुमानित लागत 1.5 अरब डॉलर है और इन्हें चुकता करने की अवधि 25 साल तय की गई है।
कपूर के अनुसार इन परियोजनाओं के लिए निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और संभावना है कि 2015 तक ये काम करना शुरू कर देंगे।
इन चार परियोजनाओं के अलावा भी एचपीसीएल के पास तीन अन्य बड़ी परियोजनाएं हैं। इसमें सिरमौर जिले में 27,00 करोड़ रुपये की लागत का रेणुका बांध परियोजना है जिससे दिल्ली को पेयजल और हिमाचल प्रदेश को 40 मेगावाट बिजली उपलब्ध हो सकेगी।
रेणुका बांध के निर्माण के लिए सरकार ने निजी जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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