छद्म युद्ध नहीं चाहते: करज़ई

हफ़ीज़ चाचड़
बीबीसी संवाददाता, पाकिस्तान
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने कहा है कि वे अपनी ज़मीन किसी भी देश के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने नहीं देंगे और भारत-पाकिस्तान दोनों उनके अच्छे मित्र देश हैं.
इस्लामाबाद में गुरुवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी से मुलाक़ात के बाद राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने पत्रकारों के सवालों के जवाब दिए.
आश्वासन
उनसे पूछा गया कि क्या भारत अफ़ग़ानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में हस्तक्षेप कर रहा है तो उन्होंने कहा, ''मैं आपको आश्वासन देता हूँ कि यदि हमें कोई ऐसी सूचना मिली कि हमारी ज़मीन कोई दूसरा देश या भारत हमारे पड़ोसी के ख़िलाफ इस्तेमाल करेगा तो हम उसको रोक देंगे.''
उन्होंने आगे कहा, ''अफ़ग़निस्तान अपनी ज़मीन पर छद्म युद्ध नहीं चाहता, चाहे वह पाकिस्तान और भारत के बीच हो या अमरीका और इरान के बीच.''
उन्होंने कहा कि अफ़ग़ानिस्तान सभी मित्र देशों के लिए एक सुरक्षित स्थान बनना चाहता है.
हामिद करज़ई ने पाकिस्तानी जनता को अपने संदेश में कहा, ''दोनों देश एक ही समस्या से जूझ रहे हैं और दोनों मिल कर इस का मुक़ाबला करें.''
उन्होंने कहा कि शांति और स्थायीत्व के लिए दोनों की साझा कोशिशें महत्वपूर्ण हैं.
हामिद करज़ई ने कहा कि पाकिस्तान ने अफग़ान को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव दिया है और इस पर विचार-विमर्श के बाद फ़ैसला लिया जाएगा.
पाकिस्तान में गिरफ़्तार किए गए वरिष्ठ तालेबान नेताओं के प्रत्यर्पण के सवाल पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ़ रज़ा गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान में न्यायपालिका स्वतंत्र है और अफ़ग़ान तालेबान के बारे में क़ानूनी विशेषज्ञों से सलाह कर फ़ैसला लेंगे और अफग़ानिस्तान को अवगत करा दिया जाएगा.
इससे पहले अफग़ान राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने सेनाध्यक्ष जनरल अशफाक़ परवेज़ कियानी से मुलाक़ात की.
इस हफ्ते राष्ट्रपति करज़ई की सेनाध्यक्ष से यह दूसरी मुलाक़ात है. इससे पहले वे काबुल में उनसे मिले थे.
उधर, बीबीसी संवाददाता अलीम मक़बूल के मुताबिक़ पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान से चरमपंथ के कारणों को जड़ से मिटाने के लिए 'मार्शल प्लान' जैसी रणनीति अपनाने की वकालत की है.
ज़रदारी ने यह बात अफ़ग़ान राष्ट्रपति करज़ई के साथ हुई बैठक में कहीं. वार्ता के दौरान इन नेताओं ने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया.
बैठक में दोनों देशों के क़बीलाई गुटों को क़रीब लाने और चरमपंथ से निपटने के लिए एक संयुक्त 'पीस जिरगा' बनाने पर भी दोनों नेताओं ने चर्चा की.












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