धूमल ने कहा 'सीडी प्रकरण' में जालसाजी साबित हुई
राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए धूमल ने कहा, "सीएफएसएल (सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की एक रिपोर्ट से सीडी में संपादन, बदलाव, संशोधन के प्रमाण मिले हैं। एक सीडी में पांच जगहों पर और दूसरी सीडी में तीन जगहों पर विच्छिन्नता (निरंतरता का अभाव) के उदाहरण मिले हैं।"
कांग्रेस विधायक विद्या स्टोक्स के सीडी से राज्य की छवि खराब होने की बात का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि सीएफएसएल की रिपोर्ट से स्पष्ट है कि इन को अलग-अलग भाषणों के टुकड़े जोड़कर बनाया गया है।
जनवरी में सामने आई इन दो ऑडियो सीडी के आधार पर कहा जा रहा था कि धूमल ने कथित तौर पर सतर्कता अधिकारी डी. एस. मन्हास से पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के फोन टैप करने के लिए कहा था।
मन्हास वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी के खिलाफ तीन अगस्त, 2009 को दर्ज किए गए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर रहे हैं।
धूमल ने बाद में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि जांच एजेंसी ने ये सीडी सीएफएलएल की गुजरात और चण्डीगढ़ स्थित प्रयोगशाला को भेजी थी। इनमें से गुजरात प्रयोगशाला की रिपोर्ट आ गई है जबकि चण्डीगढ़ प्रयोगशाला की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
वीरभद्र सिंह ने राज्य सरकार पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया है।
उन्होंने पिछले सप्ताह जारी एक वक्तव्य में कहा था, "जब सीडी में उनकी आवाज मिली और सीडी को सीएफएसएल में जांच के लिए भेजा था तो यह जानना चाहा था कि उसमें जो आवाज है वह मेरी है या नहीं लेकिन जब धूमल और मन्हास की आवाज भी इसमें मिली तो जांच में यह जानने की कोशिश की गई की सीडी का संपादन हुआ है या नहीं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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