लाहौर में आत्मघाती हमला, 12 की मौत (लीड-3)
पंजाब प्रांत के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "यह कार बम हमला था। एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से भरी कार से कार्यालय के प्रवेश द्वार पर टक्कर मार दी। बताया जाता है कि इस वाहन में 600 किलोग्राम विस्फोटक लदे थे।" इस विस्फोट में 68 लोग घायल हुए हैं।
विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास की इमारतें और वाहनों पर भी इसका असर पड़ा। विस्फोट की भयावहता को एक छात्र ने इस प्रकार बयान किया- "हम अपनी कक्षा में थे। अचानक जोरों की आवाज आई और कांच के दरवाजे टूट कर बिखर गए। मैं खुद कई फीट ऊपर उछल गया।"
जिन्ना अस्पताल के प्रमुख जावेद अकरम ने कहा कि इस हमले में 12 लोग मारे गए हैं। इनमें आठ सुरक्षा अधिकारी हैं। एक महिला जो अपनी बच्ची को स्कूल लेकर जा रही थी, की भी मौत हो गई जबकि बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है।
हमले के स्थान से महज एक किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले नसीम-उर-रहमान ने कहा, "सुबह लगभग 8.15 बजे मैंने जोर का धमाका सुना। धमाका इतना तेज था कि घर तक इससे हिल गया। जब मैं बाहर निकला तो मैंने धुआं ही धुआं देखा।"
लाहौर के आयुक्त खुसरो परवेज ने कहा कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि दो-मंजिला इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है।
एफआईए की इमारत में जब यह विस्फोट हुआ, उस समय एजेंसी के कर्मचारियों का आना शुरू हो चुका था। एफआईए आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच करती है। लाहौर में एफआईए की एक इमारत पर अक्टूबर 2009 में भी बम हमला हुआ था।
जियो टीवी के अनुसार सरकारी अधिकारी सज्जाद भुट्टा ने कहा कि विस्फोट के लिए कम से कम 600 किलोग्राम विस्फोटक का प्रयोग किया गया।
माडल टाउन इलाके में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का भी आवास है। विस्फोट से इलाके के कई घर और वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।
पाकिस्तान के आतंरिक मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि स्वात घाटी में हारने के बाद आतंकवादी गुट शहरों में घुस आए हैं। उन्होंने कहा, "जो निर्दोष लोगों की जान ले रहे हैं, वे मुसलमान नहीं हो सकते हैं। वे भाड़े के हत्यारे हैं।"
उन्होंने आशंका जताई कि इस हमले में तालिबान और अलकायदा से संबंधित आतंकवादी समूह हो सकते हैं। बहरहाल किसी भी संगठन ने इस विस्फोट की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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