मन में खुशी से भरोसे में कमी !
ओहियो स्टेट युनिवर्सिटी (ओएसयू) के अध्ययकर्ता रॉबर्ट लाउंट कहते हैं कि जब एक व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति पर विश्वास करता है तो उसका यह भरोसा संकेतों, सूचनाओं और रूढ़ियों से प्रभावित रहता है।
लाउंट ने पांच अलग-अलग प्रयोगों में पाया कि जब लोग सकारात्मक मनोदशा में होते हैं तब वे किसी पर विश्वास करते समय संकेतों, सूचनाओं और रूढ़ियों का अधिक ध्यान रखते हैं जबकि तटस्थ मनोदशा में वे ऐसा नहीं करते हैं।
यदि आप पहले से किसी व्यक्ति पर केवल इसलिए विश्वास करने के लिए तैयार रहते हैं कि उसका चेहरा आपको विश्वसनीय लगता है तो आप अपनी अच्छी मनोदशा में उस पर और भी भरोसा करेंगे। पर यदि आप पहले से उस व्यक्ति पर विश्वास करने के लिए तैयार नहीं हैं तो आप अपनी अच्छी मनोदशा में उसे और भी अविश्वसनीय मानेंगे।
लाउंट ने कहा, "मुझे लगता है कि धारणा यह है कि यदि आप किसी को खुश करने की कोशिश करेंगे तो वह आप पर और भी भरोसा करेगा लेकिन ऐसा तभी हो सकता है जब वह पहले से आप पर विश्वास करने का मन बना ले।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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