मुंबई हमले के मुकदमे में अंतिम जिरह मंगलवार से
इस अंतिम जिरह में कई दिन लग सकते हैं और उसके बाद मामला अंतिम फैसले के चरण में पहुंच जाएगा।
आपराधिक मामलों के प्रमुख अधिवक्ता जे.पी.मिश्रा का कहना है, "किसी आपराधिक मामले में जिरह के चरण का मतलब अंतिम फैसले के पहले का कदम होता है। इसके तहत पूरे मामले का निष्कर्ष निकाला जाता है या फिर सबूत का आकलन किया जाता है।"
मिश्रा ने कहा, "अभियोजन पक्ष इस बात को उचित ठहराएगा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप किस तरह पक्के हैं और बचाव पक्ष का अधिवक्ता इसका विरोध करेगा।"
विशेष सरकारी वकील उज्जवल निकम को प्रमुख आरोपी पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अजमल आमिर कसाब को घेरे में लेने में कठिन चुनौती का सामना करना है, क्योंकि उसने सभी आरोपों को दृढ़ता से इंकार कर दिया है।
कसाब के अलावा लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों, सबाहुद्दीन अहमद और फहीम अंसारी भी कटघरे में हैं। ये दोनों आरोपी भारतीय नागरिक हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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