टेलीविजन पर अब 3डी छवियां लेंगी आकार
ये प्रशंसक स्टेडियम में नहीं बल्कि फीफा विश्व कप फुटबॉल की हलचल से दूर अपने 3डी टेलीविजन के सामने बैठे थे।
फिल्म उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान क्षेत्र के विशेषज्ञों ने इन गर्मियों में सिनेमा और टीवी को 3डी अवतार देने के लिए एक संघ 'प्राइम (पीआरआईएमई) : प्रोडक्शन एंड प्रोजेक्शन - टेक्नीक्स फॉर इमर्सिव मीडिया' बनया है।
'अवतार', 'आइस एज' और 'डान ऑफ द डायनोसॉर्स' जैसी फिल्में वैश्विक बॉक्स ऑफिर पर अरबों डॉलर का व्यवसाय कर चुकी हैं। अब टेलीविजन पर 3डी फिल्मों के प्रसारण का समय आ गया है।
हाल ही में फीफा विश्व कप फुटबॉल का 3डी प्रसारण हुआ था। इस प्रौद्योगिकी के फिल्मी पर्दे और टेलीविजन के लिए मानक उपकरण बनने से पहले कुछ ऐसे सवाल बचे हैं जिनका स्पष्टीकरण होना बाकी है।
एक प्रश्न यह है कि रिकॉर्डिग प्रक्रिया और इसके बाद की प्रक्रियाओं को किस तरह आसान और कम खर्चीला बनाया जाए।
जेम्स कैमरून की विज्ञान कल्पना फिल्म 'अवतार' को बनाने में 2.50 करोड़ डॉलर का खर्च आया था और इस फिल्म के कम्प्यूटर कार्य में चार वर्ष का समय लगा था।
प्राइम सिनेमा, टीवी और खेलों के लिए व्यापार प्रतिरूप और प्रौद्योगिकी विकसित करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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