एम. एफ. हुसैन को कतर की नागरिकता (राउंडअप)

हुसैन इन दिनों दुबई और लंदन में रह रहे हैं। इस बीच, उनकी वतन वापसी की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। कुछ हिंदू संगठनों ने हालांकि उनकी वतन वापसी का विरोध किया है।

एक अंग्रेजी समाचार पत्र 'द हिंदू' में गुरुवार को छपी तस्वीर में हुसैन को कतर की नागरिकता मिलने की पुष्टि की गई है। समाचार पत्र को हुसैन ने एक तस्वीर भेजी है, जिसमें उन्होंने लिखा है, "आई द इंडियन ओरिजिन पेंटर, एम.एफ. हुसैन एट 95, हैव बीन ऑनर्ड बाय कतर नेशनैलिटी।"

समाचार पत्र के संपादक एन. राम ने लिखा है कि इस संबंध में हुसैन ने उन्हें सूचित किया है। रिपोर्ट के अनुसार हुसैन ने कतर की नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया था बल्कि उन्हें इससे नवाजा गया।

हुसैन के परिवार के करीबी फोटोग्राफर राम रहमान ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "कतर के शाही शेख परिवार ने हुसैन को नागरिकता से नवाजा है।"

हुसैन ने हाल ही में कतर के शाही परिवार के दोहा स्थित एक संग्रहालय के लिए अरबी सभ्यता पर आधारित कला संग्रहों की श्रृंखला प्रस्तुत की थी। सूत्रों का कहना है कि उनकी कला का सम्मान करते हुए शाही परिवार की तरफ से उन्हें नागिरकता का यह पुरस्कार दिया गया।

हुसैन के बेटे शमशाद हुसैन ने खुशी जताते हुए कहा कि उनके पिता के साथ देश में अच्छा सुलूक नहीं किया गया। यहां तक कि उन्हें भारतीय कला सम्मेलन तक में हिस्सा नहीं लेने दिया गया। उन्होंने कहा, "पूरा परिवार इससे खुश है।"

श्रीराम भारतीय कला केंद्र की निदेशक शोभा दीपक सिंह ने कहा कि हुसैन को भारत वापसी की अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, "वह देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उन्हें वतन वापसी करनी चाहिए। उनके मामलों के बारे में भारत सरकार और उनके बीच कोई समझौता होना चाहिए।"

जामिया मिलिया विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग के डीन जी. जैदी ने कहा, "कतर की नागरिकता लेना उनके लिहाज से एकदम न्यायोचित है क्योंकि भारत सरकार से उन्हें कोई जवाब नहीं दिया जा रहा था।"

हुसैन की नागरिकता को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल देखी गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि हुसैन देश के किसी भी कोने में रहने को स्वतंत्र हैं लेकिन उन्हें अभिव्यक्ति की आजादी की सीमा को समझना चाहिए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता नजमा हेपतुल्लाह ने कहा, "हुसैन की जान को देश में कोई खतरा नहीं है। उनके कुछ चित्रों के खिलाफ लोगों ने विरोध दर्शाया।"

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि भारत सरकार को हुसैन को उनकी सुरक्षा की पूरी गारंटी देनी चाहिए। उन्होंने कहा, "हुसैन के साथ जो हो रहा है वह दुखद है। सरकार को उनकी सुरक्षा की गारंटी देनी चाहिए।"

इस बीच कुछ हिंदूवादी संगठनों ने कहा है कि कतर द्वारा हुसैन को नागरिकता दिया जाना भारत के खिलाफ उसकी सोच को दर्शाता है। बजरंग दल के वरिष्ठ पदाधिकारी विनोद बंसल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कतर के शासकों द्वारा हुसैन को नागरिकता देना उसकी भारत विरोध और मुस्लिम परस्त नीति का पर्दाफाश करता है।

उन्होंने कहा, "विकृत मानसिकता वाले इस व्यक्ति का देश में स्थान नहीं है। हम अपने अराध्य देवी देवताओं का अपमान करने वाले इस कलाकार को भारत में किसी भी सूरत में प्रवेश नहीं करने देंगे।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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