त्रिनिदाद और टोबेगो में भारतीय मूल की महिला बनी विपक्ष की नेता
पारस रामौतार
पोर्ट-ऑफ-स्पेन, 26 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय मूल की कमला प्रसाद बिसेसर त्रिनिदाद और टोबेगो की संसद की पहली महिला नेता प्रतिपक्ष बन गई हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री बासदेव पांडे का स्थान लिया।
कमला ने गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में समर्थक सात सांसदों की उपस्थिति में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति जॉर्ज मैक्सवेल रिचर्ड्स ने उन्हें शपथ दिलाई।
पांडे करीब 34 वर्ष तक नेता प्रतिपक्ष रहे थे। इनमें से उन पांच वर्षो में जब वह प्रधानमंत्री रहे केवल तभी उन्होंने यह भूमिका नहीं निभाई थी।
विपक्षी दल युनाइटेड नेशनल कांग्रेस (यूएनसी) पार्टी में 24 जनवरी के चुनाव में अपने राजनीतिक गुरु पांडे को हराने के बाद कमला नई नेता प्रतिपक्ष चुनी गईं।
कमला ने 1980 के दशक में राजनीति में उस समय कदम रखा था जब वह तत्कालीन सेंट पैट्रिक काउंटी काउंसिल में नगर प्रमुख नियुक्त हुई थीं। वह सीनेटर भी रहीं और उसके बाद सिपारिया से सांसद चुनी गईं।
वर्ष 1995 में वह देश की पहली महिला अटॉर्नी जनरल बनीं। उस वक्त पांडे की सरकार थी। कमला बाद में शिक्षा मंत्री बनाई गईं। वह पहली महिला कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी बनीं।
कलमा 15 सदस्यीय संसद में आठ मत प्राप्त कर नेता प्रतिपक्ष बनीं।
वह कई अवसरों पर भारत आ चुकी हैं। वह 2006 में हैदराबाद में आयोजित प्रवासी भारतीय सम्मेलन और राष्ट्रमंडल संसदीय संघ की बैठकों में शामिल हुई हैं।
उनके पूर्वज उत्तर प्रदेश और बिहार के उन 148,000 लोगों में थे जिन्होंने 1845 से 1917 के दौरान चीनी मिलों में काम करने के लिए त्रिनिदाद और टोबेगो का रुख किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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