आम बजट : निजी करदाताओं को राहत, कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ा (लीड-3)
बजट भाषण के दौरान पेट्रोलियम पदार्थो के दामों में वृद्धि के विरोध में विपक्ष ने सदन से बर्हिगमन किया।
आम बजट पेश करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "आज जब मैं आपके सामने खड़ा हूं, मैं कुछ यकीन से कह सकता हूं कि हम संकट से बेहतर ढंग से निपट सकते हैं।"
उन्होंने कहा, "यह नहीं कहा जा रहा है कि आज की चुनौतियां नौ महीने पहले की चुनौतियों से कम बड़ी हैं, जब संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार ने सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में दोबारा कार्यभार संभाला था।"
केंद्रीय वित्त मंत्री ने निजी कर दाताओं के लिए कई श्रेणियों का प्रस्ताव किया। इसमें 1.60 लाख रुपये की आय को कर मुक्त रखा गया है।
पांच लाख रुपये तक की आय 10 फीसदी कर और आठ लाख रुपये तक की आय पर 20 प्रतिशत कर लगाने को प्रस्ताव है। इससे अधिक आय पर 30 प्रतिशत कर देना होगा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सूचीबद्ध की गई तीन चुनौतियां आज भी प्रासंगिक हैं। इनमें जल्द से जल्द नौ फीसदी की उच्च विकास दर पर लौटना और उसे दहाई के आंकड़े तक ले जाना, विकास को ज्यादा समग्र बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास करना तथा खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाना शामिल है।
उन्होंने कहा, "हमें यकीन है कि 10 प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य अब ज्यादा दूर नहीं रहा है।" उन्होंने कहा कि सरकार देश की विकास दर ज्यादा व्यापक आधार वाला बनाने के लिए वित्तीय प्रोत्साहनों की भी समीक्षा करेगी।
उन्होंने कहा कि योजना का 46 फीसदी आवंटन ढांचागत विकास के लिए होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष कर संहिता अगले साल अप्रैल से लागू होगी। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश नीति को सरल बनाया जाएगा और सार्वजनिक ऋण में कमी लाने की योजना तैयार की जाएगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2009 के फरवरी में उन्होंने अंतरिम बजट और जुलाई में पूर्ण बजट पेश किया था। उस समय भारतीय अर्थव्यवस्था अनिश्चितता व मंदी दौर से गुजर रही थी और व्यापार जगत में उत्साह कम था।
लेकिन इस साल का बजट वर्ष 2009-10 के आर्थिक समीक्षा की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है जो अगले वर्षो में 10 फीसदी की विकास दर के आंकड़े को छू सकती है।
मुखर्जी का यह चौथा तथा लगातार दूसरी बार सत्ता में आई संप्रग सरकार का दूसरा बजट है।
बजट को सदन में पेश करने से पहले प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में उसे मंजूरी दिलाई गई।
आम बजट के प्रमुख बिंदु :
- देश कोयला के उत्पादन पर प्रति टन 50 रुपये स्वच्छ ऊर्जा अधिभार
- विज्ञान और औद्योगिक शोध परिषद द्वारा विकसित सौर रिक्शा पर चार फीसदी की छूट
- केबल टीवी ऑपरेटर्स के लिए उपकरणों के आयात पर सीमा शुल्क में पांच फीसदी छूट
- खिलौनों को केंद्रीय सीमा शुल्क से मुक्त किया गया
- सेवा सेक्टर पर कर 10 फीसदी, इसमें और सेवाओं को शामिल किया जाएगा
- मान्यताप्राप्त समाचार एजेंसियों को सेवा कर से मुक्ति
- शुद्ध राजस्व की प्राप्ति 22,500 करोड़ रुपये रही
-बड़ी कारों और एसयूवी पर कर दो फीसदी बढ़कर 22 फीसदी हुआ
- कच्चे तेल पर पांच फीसदी का कर
- सिगरेट, सिगार और खाने के तंबाकू पर कर में इजाफा
- प्रत्यक्ष करों में छूट से 26,000 करोड़ रुपये का नुकसान
- केंद्रीय सीमा शुल्क में मामूली वृद्धि
- सालाना 160,000 रुपये तक की आय कर मुक्त, पांच लाख रुपये की आय पर 10 फीसदी, पांच से आठ लाख रुपये वार्षिक आय पर 20 फसदी और आठ लाख रुपये वार्षिक से अधिक आय पर 30 फीसदी कर
- आयकर आवदेन पत्रों को सरल बनाया जाएगा
- वर्ष 2010-11 में खर्च 11,18,749 करोड़ रुपये रहने का अनुमान
- वर्ष 2010-11 में राजकोषीय घाटा 5.5 फीसदी रहने का अनुमान
- बेंगलुरू के अलावा को दो अन्य जगहों पर केंद्रीकृत कर प्रसंस्करण केंद्रों की स्थापना
- असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए 1000 करोड़ रुपये के राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा कोष की स्थापना
- राष्ट्रीय पेंशन योजना तहत कामगारों को खाता खोलने के लिए 1,000 रुपये दिए जाएंगे
- कपड़ा क्षेत्र के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम
- महिला एवं बाल विकास की योजनाओं के आवंटन में 50 फीसदी का इजाफा
- सामाजिक न्याय मंत्रालय के लिए 4,500 करोड़ रुपये का आवंटन
- अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय के लिए 2,600 करोड़ रुपये का आवंटन
- भारतीय विशेष पहचान पत्र प्राधिकरण के लिए 1,900 करोड़ रुपये
- रक्षा बजट के लिए 147,344 करोड़ रुपये
- केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के लिए 2,000 जवानों की भर्ती
-खाद्यान्न सुरक्षा विधेयक तैयार हो चुका है और उसे सार्वजनिक किया जाएगा
-प्राथमिक शिक्षा के लिए आवंटन 26,800 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 31,300 करोड़ रुपये
-2,000 और इससे अधिक जनसंख्या वाले सभी इलाकों में बैंकिंग सुविधा
-वर्ष 2010-11 में ग्रामीण विकास के लिए 66,100 करोड़ रुपये का आवंटन, राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के लिए 40,100 करोड़ रुपये, भारत निर्माण के लिए 48,000 करोड़ रुपये
-झुग्गी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए तैयार राजीव आवास योजना के लिए 1,270 करोड़ रुपये का आवंटन, इसमें 700 फीसदी की वृद्धि की गई है
- अप्रैल-दिसंबर 2009 के बीच विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) 20.9 अरब डॉलर रहा।
- एफडीआई नीति को और आसान बनाने का प्रस्ताव।
- बैंकिंग क्षेत्र के लिए उच्चतम स्तरीय वित्तीय स्थिरता परिषद का गठन
- भरतीय बैंक संगठन निजी क्षेत्र को अतिरिक्त लाइसेंस देंगे
- क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के लिए अग्रणी पूंजी का प्रावधान
- अगले छह माह में सार्वजनिक कर्ज कम करने का रोडमैप तैयार
- अप्रैल 2011 से प्रत्यक्ष कर कोड लागू होगा
- सरकार बिक्री कर का नया ढांचा तैयार करने में जुटी है, और इसके अप्रैल 2011 में लागू किए जाने की आशा
- वर्ष 2009-10 में विनिवेश से 35 हजार करोड़ रुपये इकट्ठा हुए जो वर्ष 2010-11 में इससे ज्यादा होगा
- अप्रैल 2010 से नई उर्वरक नीति, इससे उत्पादकता बढ़ेगा और किसानों की आय बढ़ेगी
- वर्ष 2009-2010 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में स्थिरता आई, दूसरी तिमाही में इसने मजबूत वापसी की, तीसरी और चौथी तिमाही के आंकड़ों को देखने के बाद विकास की दर 7.2 फीसदी या उससे ऊपर रहेगी
-जनवरी में निर्यात के आंकड़ें उत्साहजनक थे
- 10 फीसदी की विकास दर हासिल करना बहुत दूर की चीज नहीं है
- खाद्यान्न महंगाई पर काबू पाने के लिए सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं
- प्रोत्साहन पैकेजों की समीक्षा की जरूरत, विकास को ज्यादा विस्तृत बनाने की जरूरत
-भारत ने वैश्विक आर्थिक संकट से बेहतर तरीके से निपटा, देश की अर्थव्यवस्था एक वर्ष पूर्व की तुलना में काफी बेहतर
- वर्ष 2009 में देश की अर्थव्यवस्था ने अनिश्चितता का सामना किया, दक्षिणी पश्चिमी मानसून में देरी के कारण कृषि उत्पादन पर असर पड़ा
-अब पहली चुनौती नौ फीसदी की विकास दर को हासिल करना है। इसके बाद विकास दर दहाई अंकों में पहुंचाना है
-दूसरी चुनौती विकास को समग्र बनाना है, खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाना होगा
- तीसरी चुनौती सरकारी जन वितरण प्रणाली की कमजोरियों से निपटना है, इस दिशा में लंबी दूरी तय किया जाना है
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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