भारत, पाकिस्तान के बीच आतंकवाद, कश्मीर मुद्दे पर चर्चा (लीड-1)
इससे पहले विदेश सचिव निरुपमा राव ने हैदराबाद हाउस में पाकिस्तानी विदेश सचिव सलमान बशीर का स्वागत किया।
राव ने हैदराबाद हाउस के बाहर संवाददाताओं से कहा, "हम बातचीत के लिए उत्सुक हैं।"
वार्ता के लिए हैदराबाद हाउस में प्रवेश करने से पहले बशीर ने कहा, "हैदराबाद हाउस एक परिचित जगह है। हम एक बहुत अच्छी रचनात्मक वार्ता के इच्छुक हैं।"
राव और बशीर की वार्ता करीब डेढ़ घंटे तक चली। इससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों ने अपने मतभेदों को दूर करने और सकारात्मक परिणाम हासिल करने के लिए कड़ा प्रयास किया।
इसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता शुरू हुई। वार्ता के बाद किसी संयुक्त बयान की उम्मीद नहीं है।
वार्ता में जाने से पहले दोनों पक्षों ने सकारात्मक मुद्रा अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यद्यपि उनकी मुख्य चिंताएं अलग -अलग हैं वे खुले दिमाग से वार्ता में शामिल हो रहे हैं।
जहां भारत की मुख्य चिंता आतंकवाद और उनके द्वारा पाकिस्तानी धरती का उपयोग है वहीं पाकिस्तान ने स्पष्ट किया कि वह कश्मीर विवाद और नदी जल बंटवारे जैसे मुद्दों को उठाएगा।
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने वार्ता शुरू होने से एक घंटा पहले टेलीविजन चैनलों से कहा कि कश्मीर वार्ता के एजेंडे में शामिल है।
राव के साथ भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान में देश के उच्चायुक्त सरत सब्बरवाल, विदेश मंत्रालय में पाकिस्तान के प्रभारी संयुक्त सचिव वाई.के.सिन्हा, मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश और मंत्रालय के अन्य अधिकारी शामिल हैं।
पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल में भारत में पूर्व उप उच्चायुक्त और विदेश कार्यालय में दक्षिण एशिया मामलों के निदेशक अफ्रासियाब, भारत में उच्चायुक्त शाहिद मलिक, पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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