नेपाल में गिरफ्तार हुआ भारतीय भिक्षु
पिछले 15 वर्षो से नेपाल में रह रहे स्वामी आत्मशुद्धानंद को मंगलवार रात केंद्र के चार अन्य सहयोगियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया था। भारत सेवाश्रम संघ का नेपाल स्थित केंद्र प्रणवानंद आश्रम नाम से प्रसिद्ध है। केंद्र के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद के नाम पर यह नाम रखा गया है। इसकी स्थापना 1917 में हुई थी।
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें से दो नाबालिग हैं।
बुधवार को गिरफ्तार हुए इन लोगों को जिला अदालत में पेश किया जाएगा जहां पुलिस जांच पूरी होने तक पांचों लोगों को हिरासत में रखने की इजाजत मांगेगी।
छह वर्षीय नेपाली लड़के रूपेश गिरी को एक महीने पहले उसकी 23 वर्षीय मां कविता इस आश्रम में लाई थी। कविता राजधानी के एक होटल में काम करती है।
काठमांडू के पशुपतिनाथ मंदिर के नजदीक स्थित इस आश्रम में करीब 60 छात्र रहते हैं।
रूपेश गिरी का आश्रम के अन्य छात्रों से झगड़ा हो गया था जिसके बाद आश्रम के अधिकारियों ने उसे कथित तौर पर दंड दिया था।
लड़के के मंगलवार को मृत पाए जाने के बाद ये गिरफ्तारियां हुईं। गिरफ्तार लोगों में आश्रम के दो छात्र शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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