सरकार नक्सलियों के प्रस्ताव पर विचार के लिए तैयार (लीड-2)
केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लै ने कहा, "हम प्रस्ताव पर विचार करेंगे लेकिन इसके लिए कोई पूर्व शर्त नहीं होनी चाहिए।"
नक्सलियों ने सोमवार को कहा कि वे सरकार से बातचीत तभी करेंगे, जब वह 72 दिनों तक (25 फरवरी से सात मई तक) उनके खिलाफ सुरक्षा बलों की सभी कार्रवाई रोक दी जाए।
हालांकि गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि यह समय जाया करने का तरीका भी हो सकता है, क्योंकि वे चाहते हैं कि नक्सली विद्रोही कोई भी बातचीजत शुरू करने के पहले हिंसा छोड़ दें।
इसके पहले आईएएनएस के साथ एक विशेष साक्षात्कार में नक्सली नेता किशनजी ने कहा था कि यदि सुरक्षा बल अपना अभियान शुरू करते हैं तो मैं आपसे वादा करता हूं कि वर्ष 2010 ज्यादा रक्तरंजित होगा। हिंसा में कोई कमी नहीं आएगी।
गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा है कि उन्हें इंतजार करो और देखो नीति अपनानी है।
शीर्ष नक्सली नेता किशजनी ने सोमवार को एक बयान में कहा, "यदि सरकार हमारे खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोक देती है तो हम जवाबी हिंसक गतिविधियों को रोक देंगे।"
किशनजी, जिसका वास्तविक नाम कोटेश्वर राव है, ने कहा, "यदि सरकार हमारे खिलाफ राज्य संचालित आतंक 25 फरवरी से सात मई तक 72 दिनों के लिए रोक देती है तो हम इस अवधि में बातचीत करने के लिए तैयार हैं।"
किशनजी ने देश के बुद्धिजीवियों से उनकी पहल पर आगे आने का अनुरोध किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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