झारखण्ड में निजी सचिव का पद अमीर बनने की सीढ़ी
रांची, 20 फरवरी (आईएएनएस)। झारखण्ड में कहा जाता है कि यदि आप अमीर बनना चाहते हैं तो मुख्यमंत्री का निजी सचिव बन जाइए। इस हफ्ते मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निजी सचिव एम.एल.पाल के आवासों पर आयकर विभाग के छापे ने इसकी पुष्टि कर दी है, क्योंकि आयकर विभाग को पाल के 65 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला है।
पाल अभी भी सोरेन के निजी सचिव के पद पर तैनात हैं। वहीं मुख्यमंत्री के पूर्व निजी सचिव विवेक अभी उनके साथ नजर आते हैं, जबकि उनके पास कोई पद नहीं है।
गत वर्ष केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने विवेक के आवास पर छापा मारा था।
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के निजी सचिव हरेन्द्र सिंह की भी यही कहानी है। आयकर विभाग ने गत वर्ष अक्टूबर में उनके आवास पर छापा मारा था, जिसमें करोड़ों रुपये के निवेश संबंधी दस्तावेज बरामद हुए थे।
मुख्यमंत्रियों के अलावा मंत्रियों के निजी सचिवों की भी यही कहानी है। कोड़ा सरकार में जलसंसाधन मंत्री चंद्र प्रकाश चौधरी के निजी सचिव मनोज कुमार सिंह के आवास पर गत वर्ष आयकर विभाग ने दबिश दी थी, जिसमें 12 करोड़ रुपये की संपत्ति का पता चला था।
भ्रष्टाचार मामले में सिंह को सतर्कता विभाग ने एक हफ्ते के लिए न्यायिक हिरासत में भी भेजा था। इस तरह के निजी सचिवों की यहां लंबी सूची है।
झारखण्ड कांग्रेस के प्रवक्ता राधाकृष्ण किशोर ने आईएएनएस से कहा, "निजी सचिवों की संपत्तियों की जांच होनी चाहिए। ये सभी अलग-अलग जगहों करोड़ों रुपये निवेश करते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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