मुल्लापेरियर बांध पर समिति के विरोध में डीएमके
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को करुणानिधि ने कहा था कि इस फैसले से तमिलनाडु ने कुछ नहीं खोया है और न ही केरल को कोई फायदा पहुंचा है।
डीएमके की आम परिषद ने शनिवार को एक प्रस्ताव पास करके न सिर्फ सर्वोच्च न्यायालय द्वारा इस मुद्दे पर भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति बनाने के फैसले का विरोध किया बल्कि कहा कि इस समिति के लिए राज्य सरकार किसी सदस्य को मनोनीत नहीं करेगी।
मुल्लापेरियर बांध पर तमिलनाडु और केरल के बीच चल रहे विवाद की सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने दोनों राज्यों से एक-एक तकनीकी विशेषज्ञ मनोनीत करने को कहा था, जबकि केंद्र सरकार दो तटस्थ तकनीकी विशेषज्ञों को मनोनीत करेगी।
परिषद ने ईंधन कीमतों में किसी संभावित इजाफे का विरोध प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्र सरकार से आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी लाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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