पोतों से उत्सर्जित भाप ग्लोबल वार्मिग के खिलाफ उपयोगी हो सकते हैं?
नए शोध के अनुसार पोत परिवहन के इलाकों में देखे गए बादलों की संरचना से मिले नए परिणामों ने (यहां तक कि दिन में भी जब धुएं के कण वायु से टकराते हैं) धुओं और तत्कालीन मौसम के बीच जटिल अंतरक्रिया का खुलासा किया है।
वाशिंगटन के पैसिफिक नार्थवेस्ट नेशनल लैब में मुख्य जलवायु वैज्ञानिक फिल रैश ने कहा है, "हमने देखा है कि पोत परिवहन के रास्ते बादलों की परावर्तन क्षमता को प्रभावित करते हैं।"
रैश ने कहा है, "हमने यह पता करने का निर्णय लिया है कि कणों द्वारा बादलों की परावर्तन क्षमता किस तरह प्रभावित होती है।"
सूर्य की रोशनी को अंतरिक्ष में वापस परावर्तित करने से पृथ्वी की सतह पर आने वाली ऊर्जा अवरुद्ध हो जाती है। इस तरह काले बादलों की बनिस्बत चमकीले बादलों का शीतलन प्रभाव अधिक हो जाता है।
धुएं के कणों की अधिकता (प्राकृतिक या मानव निर्मित धूल कण, पानी और गैस) बादलों में जल की बूंदों की संख्या को बढ़ा देते हैं और सभी बूंदों के आकार छोटा कर देते हैं।
इस कारण सतह से सूर्य की रोशनी अपेक्षाकृत अधिक परावर्तित होती है और बादल चमकीले दिखाई देते हैं।
इन निष्कर्षो को अमेरिकन एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ साइंस की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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