गेहूं के रिकॉर्ड पैदावार की उम्मीद
केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत पौध सुरक्षा और किसान अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष एस. नागराजन ने शुक्रवार को एक अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में कहा, "हमारे देश की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है। हमें अपनी प्रति हेक्टेयर पैदावार को बढ़ाने की जरूरत है। पिछले वर्षो में हम ऐसा करने में कामयाब भी रहे हैं। वर्ष 1997-98 में प्रति हेक्टेयर गेहूं की पैदावार 2500 किलोग्राम थी, जो 2008-09 में बढ़कर 3,000 किलोग्राम तक पहुंच गई।"
सेमिनार के अध्यक्ष विनोद कपूर ने कहा कि तेजी से बढ़ रही जनसंख्या की खाद्य जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले दशक तक गेहूं की पैदावार 1.2 करोड़ टन से 9.2 करोड़ टन तक बढ़ाने की जरूरत होगी। यह तभी संभव है जब उन्नत शोध, सिंचाई और कृषि में भारीभरकम निवेश किया जाए।
वहीं, नागराजन ने कहा, "फरवरी अंत तक सर्दी का असर रहना गेहूं की फसल के लिए काफी अच्छा है। यदि मार्च के पहले सप्ताह में पानी या ओलावृष्टि नहीं हुई, तो इस रबी मौसम में भारत में गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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