शिक्षा के अधिकार अधिनियम पर आम सहमति बनाएंगे सिब्बल (लीड-1)
सिब्बल ने शनिवार को संवाददाताओं को बताया, "हमारा लक्ष्य देश में हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है लेकिन हम शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ हैं। हम शिक्षा शुल्क में लगातार वृद्धि का समर्थन नहीं करते हैं।"
सिब्बल ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक अप्रैल से आरटीई अधिनियम लागू करवाना है और इसके लिए वह हरेक राज्य की सरकार से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि सोमवार को इस मसले पर वह दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ चर्चा करेंगे।
सिब्बल ने कहा, "उदाहरणस्वरूप आरटीई अधिनियम कहता है कि सभी स्कूलों में खेल मैदान होना चाहिए। शहरी इलाकों के स्कूलों में पर्याप्त जगह नहीं होती। अधिनियम यह भी कहता है कि निजी स्कूलों में निर्धन बच्चों के लिए 25 फीसदी आरक्षण होना चाहिए लेकिन क्या ऐसे बच्चों के संबंध में राज्य सरकार के पास आंकड़े या सूचनाएं हैं।"
सिब्बल ने कहा कि आरटीई अधिनियम का लक्ष्य निर्धन और वंचित बच्चों को हाशिए पर लाना नहीं है। उन्होंने कहा कि असंबद्ध स्कूलों को बंद नहीं किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि निर्धन छात्रों के लिए ऐसे स्कूलों की रक्षा की जाएगी।
सिब्बल ने कहा कि ऐसे स्कूलों को आरटीई अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए तीन वर्ष का समय दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरेक राज्य में शिक्षा से संबंधित कानून होते हैं। मंत्री ने कहा कि सभी राज्यों से अनुरोध किया जाएगा कि वे आरटीई के अनुरूप काम करें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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