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प्रचंड से हुई थी गांधी की मुलाकात : पुलिस (लीड-2)

नई दिल्ली, 19 फरवरी (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार नक्सली विचारक कोबद गांधी के खिलाफ राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने के मामले में शुक्रवार को आरोप पत्र दाखिल किया।

आरोप पत्र में कहा गया है कि गांधी ने नेपाली माओवादी नेता पुष्प कमल दहाल प्रचंड से नेपाल में मुलाकात की थी। गांधी को झारखण्ड के पुलिस अधिकारी फ्रांसिस इंदवार के अपहरण और उनकी हत्या के बारे में भी जानकारी थी।

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने मुख्य महानगर दंडाधिकारी कावेरी बावेजा की अदालत में कोबद के खिलाफ 35 से अधिक पृष्ठों वाला आरोप पत्र दायर किया। आरोप पत्र में कोबद पर राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्त रहने का आरोप लगाया गया है।

आरोप पत्र में कहा गया है, "गांधी और उनका संगठन छात्रों को शामिल कर अपनी पार्टी को मजबूत करने की कोशिश कर रहा था और दिल्ली स्टूडेंट यूनियन (डीएसयू) के नाम से छात्रों का एक संगठन खड़ा कर रहा था।"

पुलिस ने गांधी के जर्मनी, बेल्जियम और नेपाल के दौरों के बारे में अदालत को जानकारी दी। नेपाल में गांधी ने प्रचंड से मुलाकात की थी और अपने प्रतिबंधित संगठन, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की गतिविधियों के बारे में चर्चा की थी।

आरोप पत्र के अनुसार गांधी ने स्वीकार किया है कि वह अपने संगठन के पोलित ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय समिति के सक्रिय सदस्य हैं। वह पिछले तीन वर्षो से दिल्ली में भूमिगत थे। गांधी को झारखण्ड के पुलिस अधिकारी इंदवार के अपहरण और हत्या के बारे में जानकारी थी।

पुलिस ने अदालत को बताया कि पूछताछ के दौरान यह साबित हो गया है कि गांधी भाकपा-माओवादी का एक स्तंभ और थिंक टैंक है।

आरोप पत्र के अनुसार गांधी ने इस बात का भी खुलासा किया है कि भाकपा-माओवादी की केंद्रीय समिति में उन्हें मिला कर कुल तीस सदस्य हैं और पार्टी के एक लाख से अधिक सदस्य हैं।

गांधी ने झारखण्ड और आंध्र प्रदेश में नक्सली हमले के दो अन्य मामलों में भी वह शामिल रहे हैं।

अदालत चार मार्च को आरोप पत्र पर संज्ञान लेगी। अदालत ने गत वर्ष दिसंबर में दिल्ली पुलिस को कोबद के खिलाफ आरोप पत्र दायर करने के लिए 90 दिनों का समय दिया था।

आपराधिक प्रक्रिया संहिता के प्रावधानों अनुसार गंभीर अपराधों के मामले में जांच एजेंसियों को 90 दिनों के भीतर जांच कार्य पूरा करने के लिए कहा जाता है लेकिन कोबद के मामले में अदालत ने पुलिस को उसकी नजरबंदी की अवधि बढ़ाने का अधिकार दिया है।

उल्लेखनीय है कि कोबद को दिल्ली पुलिस ने गत वर्ष 20 सितंबर को गैर कानूनी गतिविधि निरोधक कानून के तहत गिरफ्तार किया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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