पुणे विस्फोट मामले में कोई कामयाबी नहीं : पुलिस (लीड-2)
संवाददाताओं से बातचीत में जांच के बारे में किसी तरह का खुलासा करने से स्पष्ट इंकार करते हुए शुक्ला ने कहा कि एटीएस की टीमें अब भी घटना स्थल पर मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, "वह हर छोटी सी छोटी चीज की जांच कर रही है।"
मीडिया के बार-बार पूछे जाने के बावजूद किसी भी तरह की आशंका जाहिर करने से इंकार करते हुए शुक्ला ने कहा, "हमारे सामने सभी विकल्प खुले हैं। हम किसी भी संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। हम प्रत्येक पहलू की जांच कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि जांच में समय लगता है और जांच टीमें हर संभव प्रयास कर रही हैं। अगर कोई भी जानकारी हासिल होती है तो वह मीडिया को बताएंगी।
उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक लैब की रिपोर्ट के मुताबिक विस्फोट में आरडीएक्स, अमोनियम नाइट्रेट और पेट्रोलियम हाइड्रोकार्बन का इस्तेमाल किया गया था।
शुक्ला ने कहा कि जांच टीमें सीसीटीवी कैमरे के फुटेज का विश्लेषण कर रही है। वह किसी नतीजे तक पहुंचने के लिए लगातार 24 घंटे काम कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने में समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि उनके पास इस मामले में दो या चार लोगों की गिरफ्तारी के बारे में कोई सूचना नहीं है।
इससे पहले पुणे के पुलिस आयुक्त सत्यपाल सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि सोमवार रात में दो लोगों को पकड़ा गया। उन्होंने इस बारे में ज्यादा जानकारी देने से इंकार किया।
सिंह ने कहा कि विस्फोट में घायल हुए यहां के डी.वाई. पाटिल कॉलेज के छात्र अभिषेक सक्सेना की मंगलवार सुबह बुद्धरानी अस्पताल में मौत हो गई। 24 वर्षीय अभिषेक उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। इस तरह विस्फोट में मरने वालों की संख्या 10 हो गई है।
विस्फोट में घायल हुए 37 अन्य लोगों का अभी उपचार चल रहा है। इनमें कम से कम दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि घटनास्थल के सामने के होटल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से इस मामले में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। उन्होंने कहा, "हम इस मामले के प्रमुख आरोपी की तलाश कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस मामले में जल्द कोई अहम कामयाबी हाथ लगेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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