'नर्मदा बांध निर्माता के खिलाफ होगी कार्रवाई'
नर्मदा बचाओ आंदोलन के तहत करीब 500 लोगों का एक समूह बांध निर्माण का विरोध करने के लिए मंगलवार को राजधानी पहुंचा। प्रदर्शनकारियों का एक छोटा समूह अपनी शिकायतों के साथ मंत्री से मुलाकात करने पहुंचा था।
एक प्रदर्शनकारी आलोक अग्रवाल ने कहा, "हमारी मांग है कि पर्यावरण मंत्रालय को महेश्वर बांध परियोजना पर निर्माण कार्य तुरंत रोक देना चाहिए क्योंकि इस परियोजना से जुड़े पुनर्वास उपायों में अब तक कोई प्रगति नहीं देखी गई है।"
अग्रवाल के मुताबिक मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी पर बनने वाले महेश्वर बांध से 61 गांवों के 50,000-70,000 किसान, मछुआरे और भूमिहीन कामगार प्रभावित होंगे। परियोजना के तहत इन गांवों की भूमि डूब जाएगी और लोग बेघर हो जाएंगे।
परियोजना का निजीकरण कर 1992 में इसे एस. कुमार्स ग्रुप ऑफ कंपनीज को सौंप दिया गया। परियोजना को 1994 में पर्यावरण संबंधी मंजूरी दे दी गई थी और 2001 में दोबारा यह मंजूरी दी गई।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को जब उन्होंने मंत्री से मुलाकात की तो उन्होंने पर्यावरण (संरक्षण) कानून, 1986 की धारा पांच के तहत महेश्वर हायडल पॉवर कारपोरेशन को कारण बताओ नोटिस जारी करने की बात कही है। उन्होंने बताया कि नोटिस में कंपनी से पूछा जाएगा कि उसने मंजूरी की सभी शर्ते पूरी नहीं की हैं तो क्यों न निर्माण कार्य रोक दिया जाए। कंपनी को 15 दिन के अंदर अपना जवाब देना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications