भारत को एफ-35 लड़ाकू विमान बेच सकती है लॉकहीड मार्टिन
लॉकहीड मार्टिन के भारतीय इकाई के उपाध्यक्ष ऑर्विले प्रिंस ने छठे भारतीय रक्षा प्रदशर्नी में पत्रकारों से बातचीत में कहा, "यदि आईएफए इसके लिए हमसे संपर्क करती है तो हम इस पर विचार कर सकते हैं।"
लॉकहीड मार्टिन एरोनॉटिक्स कंपनी ने अमेरिकी वायु सेना, नौसेना, मरीन कोर और ब्रिटेन की रॉयल नेवी के लिए एफ-35 लाइटनिंग 2 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर (जेएसएफ) का निर्माण किया है।
अमेरिका के अलावा आस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, इटली, नीदरलैंड, नार्वे, सिंगापुर और तुर्की ने भी एफ-35 विमानों के निर्माण में मदद की थी। लॉकहीड मार्टिन एक प्रमुख लड़ाकू विमान निर्माता है।
एक साथ कई काम करने वाले इन लड़ाकू विमानों को जुलाई 2006 में एफ-35 लाइटनिंग 2 नाम दिया गया था। जेएसएफ में तीन प्रकार के विमान हैं। अमेरिकी वायु सेना के लिए एक 'कंवेंशनल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग' (सीटीओएल) विमान, अमेरिकी नौसेना के लिए 'कैरियर वैरिएंट' (सीवी), अमेरिकी मरीन कोर और रॉयल नेवी के लिए 'शॉर्ट टेक-ऑफ एंड वर्टिकल लैंडिंग' (एसटीओवीएल) विमान बनाया गया था।
भारत, रूस के साथ संयुक्त रूप से पांचवी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बना रहा है और इनके 2017 तक तैयार होने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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