उस्मानिया विवि के हालात विस्फोटक

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विश्वविद्यालय का विशाल परिसर अंधेरे में डूब गया, क्योंकि पुलिस ने परिसर की बिजली काट दी और यहां तक कि एंबुलेंस के प्रवेश पर भी रोक लगा दी। विश्वविद्यालय छात्र संयुक्त कार्रवाई समिति के नेताओं ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने छात्रावासों में प्रवेश कर छात्रों की पिटाई की है। छात्रों ने धमकी दी है कि यदि पुलिस और अर्धसैन्य बलों ने परिसर को खाली नहीं किया तो छात्र सामूहिक आत्महत्या कर लेंगे।
जगह-जगह आगजनी, तोड़-फोड़
छात्रों ने परिसर में लगे पुलिस के तंबुओं को आग के हवाले कर दिया और 'पुलिस वापस जाओ' के नारे लगाए। पुलिस ने आंदोलनकारी छात्रों को काबू करने के लिए रबड़ की गोलियां चलाईं और लाठी चार्ज किया जिसमें 20 लोग घायल हो गए। पुलिस की इस कार्रवाई में छह मीडियाकर्मी भी घायल हो गए उनके कैमरे और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए।
विश्वविद्यालय के छात्र इस्तीफा देने वाले विधायकों के समर्थन में और अन्य विधायकों से इस्तीफे की मांग को लेकर एक रैली निकाली। यह रैली जैसे ही टरनाका इलाके में पहुंची, अर्धसैनिक बलों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच गर्मागर्म बहस भी हुई।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि इसके बाद छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया जिसकी वजह से मजबूर होकर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने कई छात्रों और कुछ मीडियाकर्मियों की पिटाई कर दी। सर्वदलीय संयुक्त कार्रवाई समिति ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications