अदालत ने स्कूल से पूछा, गरीब छात्रों का दाखिला क्यों नहीं?
न्यायाधीश मदन बी. लोकुर और मुक्ता गुप्ता की दो सदस्यीय खंडपीठ ने आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को स्कूल में दाखिला देने के लिए अदालत के आदेश का पालन न करने पर गुरुवार को स्कूल के प्रधानाचार्य को नोटिस जारी किया।
अदालत ने स्कूल के प्रधानाचार्य को 24 फरवरी को अदालत के सामने प्रस्तुत होने का आदेश दिया है।
अदालत ने इसी तरह के अन्य मामले में माडर्न स्कूल और इंडियन स्कूल को अगली सुनवाई के दौरान अपने जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।
अदालत एक गैर सरकारी संगठन द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में कहा गया है कि स्कूलों को रियायती दरों पर भूमि का आवंटन इस स्थिति में किया गया था कि वह अपने स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को दाखिला देंगे।
समाजिक न्यायविद् अशोक अग्रवाल ने कहा कि ऐसी शिकायत मिली थी कि कुछ स्कूल गरीब अभिभावकों को प्रवेश फार्म नहीं दे रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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