महाशिवरात्रि पर हजारों श्रद्धालुओं ने की लिंगराज मंदिर में अर्चना
भुवनेश्वर, 12 फरवरी (आईएएनएस)। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए लिंगराज मंदिर पहुंचे। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर के बाहर भगवान के दर्शन के लिए पंक्तियों में इंतजार कर रहे थे।
पुलिस निरीक्षक आलोक कुमार जेना ने आईएएनएस को बताया कि श्रद्धालु 11वीं शताब्दी के इस मंदिर के बाहर तड़के 3.30 बजे से ही भगवान शिव का आशीर्वाद लेने के लिए इंतजार कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विशेष पूजा अर्चना की।
भारतीय कैलेंडर के मुताबिक फाल्गुन (फरवरी-मार्च) के महीने में भगवान शिव का यह महापर्व महाशिवरात्रि मनाया जाता है। हिंदू पौराणिक कथाओं के मुताबिक इस दिन शिव-पार्वती का विवाह हुआ था। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन शिव की पूजा करने से खुशहाली और समृद्धि आती है।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि सुबह आठ बजे के करीब लिंगराज मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की पंक्ति दो किलोमीटर लंबी कतार लगी थी।
सुजाता मिश्रा नाम की एक श्रद्धालु ने कहा, "भगवान के दर्शन जल्दी होंगे यह सोचकर मैं सुबह तीन बजे से यहां कतार में लगी थी। जब मैं यहां आई तो कतार में खड़े हुए हजारों श्रद्धालु पहले से ही अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।"
मंदिर के अधिकारी लिंगराज मंदिर को समर्पित एक वेबसाइट शुरू करने की योजना बना रहे हैं।
इतने बड़े धार्मिक समारोह के लिए पुलिस ने मंदिर के चारों ओर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हैं। जेना ने बताया कि करीब 1,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है और मंदिर की ओर जाने वाले कुछ मार्गो को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
राज्य के अन्य क्षेत्रों के शिव मंदिरों में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
ढेंकानाल जिले के चंद्रशेखर मंदिर, कटक के धबालेश्वर, सुंदरगढ़ के वेदव्यास, कोरापुट के गुप्तेश्वर, गंजम के मुक्तेश्वर, भद्रक के अखंडमणि और पुरी के श्रीलोकनाथ मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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