हरियाणा में शुरू हो सकती है सायंकालीन अदालत
चण्डीगढ़, 12 फरवरी (आईएएनएस)। हरियाणा सरकार लंबित पड़े मामलों के निपटारे के लिए परीक्षण के तौर पर सायंकालीन अदालत शुरू करने पर विचार कर रही है।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राज्यभर में परीक्षण के तौर पर शुरुआत में चार सायंकालीन अदालत शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से परामर्श के बाद इन अदालतों के स्थानों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
राज्य में बढ़ते मामलों की संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री भुपिंदर सिंह हुड्डा ने यह पहल की है। हुड्डा स्वयं भी वकालत कर चुके हैं।
हुड्डा ने कहा, "अदालत के मामले दिन पर दिन बढ़ते ही जा रहे हैं, लिहाजा अदालत पर दबाव बढ़ता जा रहा है।"
हुड्डा सरकार ने दावा किया कि राज्य में पिछले पांच सालों में न्यायिक बुनियादी सुविधाओं के विकास पर 110 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इसके साथ ही विभिन्न स्थानों पर 93 करोड़ रुपये की परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि 18 जिलों और 25 उपमंडल मुख्यालयों में न्यायिक परिसरों के आधुनिकीकरण का कार्य पूरा हो चुका है जबकि 11 उपमंडल मुख्यालयों में कार्य जारी है।
हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने मेवात जिले के पुन्हना में अगस्त 2007 में मोबाइल अदालत का गठन किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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