'माई नेम.' की रिलीज के पहले दिन मंडराता रहा हिंसा का खतरा (लीड-1)
मुंबई, 12 फरवरी (आईएएनएस)। शाहरुख खान की फिल्म 'माई नेम इज खान' को अपने प्रदर्शन के पहले दिन शुक्रवार को ही परेशानियों का सामना करना पड़ा। मुंबई और अहमदाबाद में फिल्म के सुबह के शो नहीं चले जबकि अन्य स्थानों पर भी थोड़ी-बहुत परेशानी रही। पर इस सबके बावजूद भारी सुरक्षा के बीच टिकटों के लिए लगी लंबी कतारें देखी गईं।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि वह महाराष्ट्र में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेगा। शाहरुख खान द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शामिल करने की वकालत किए जाने के बाद से शिव सेना उनकी फिल्म का विरोध कर रही है।
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "गृह सचिव जी. के. पिल्लई की अध्यक्षता में एक मीटिंग में स्थिति की समीक्षा होगी और राज्य सरकार को एक रिपोर्ट भेजकर आवश्यक सावधानियां बरतने के लिए कहा जाएगा।"
यह फिल्म अमेरिका में 9/11 के हमले के बाद की स्थितियों पर केंद्रित है। फिल्म का मुंबई के 63 थियेटरों में प्रदर्शन होना था लेकिन शिव सेना के विरोध के चलते कई थियेटरों में सुबह का शो नहीं चल लगा।
यद्यपि दोपहर को कुछ मल्टीप्लेक्स में फिल्म का प्रदर्शन शुरू हो गया है। वितरकों को उम्मीद है कि अन्य थियेटरों में भी प्रदर्शन शुरू हो जाएगा।
फन सिनेमा का पहला शो दोपहर 12 बजे जबकि मल्टीप्लेक्स फेम का पहला शो दोपहर 2.30 बजे शुरू हुआ। देश की इस मनोरंजन राजधानी में मल्टीप्लेक्स और उनके आस-पास सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
गुजरात के अहमदाबाद में बजरंग दल और महागुजरात जनता पार्टी (एमजेपी) ने फिल्म के प्रदर्शन का विरोध किया। अहमदाबाद से बजरंग दल और एमजेपी के 10 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। यद्यपि दोपहर तक विभिन्न सिनेमाघरों में फिल्म का प्रदर्शन शुरू हो गया।
उड़ीसा में बजरंग दल ने बरहामपुर शहर में फिल्म के प्रदर्शन का विरोध किया। दल के कार्यकर्ताओं ने पोस्टर फाड़े, शाहरुख के पुतले जलाए और उनके खिलाफ नारे भी लगाए।
गोवा में इनॉक्स मल्टीप्लेक्स के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे 21 शिव सैनिकों को गिरफ्तार किया गया।
मध्य प्रदेश में भी शिव सेना ने फिल्म के प्रदर्शन का विरोध किया लेकिन भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भोपाल में फिल्म का प्रदर्शन हुआ जबकि ग्वालियर और जबलपुर के दो थियेटरों में फिल्म का प्रदर्शन देर से हुआ।
कोलकाता में खचाखच भरे थियेटरों में फिल्म का प्रदर्शन हुआ और शाहरुख के प्रशंसकों ने शिव सेना का विरोध किया।
दिल्ली में एक सिनेमा हॉल में कुछ युवाओं ने तोड़-फोड़ की लेकिन बाद में इसी सिनेमा हॉल के 80 प्रतिशत टिकटों की बिक्री हुई और लोगों ने उत्साह से फिल्म देखी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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