भारत के साथ युद्ध नहीं चाहता पाक

गिलानी का कहना है कि उनका देश भारत के साथ हमेशा युद्ध की बजाय बातचीत का पक्षधर रहा है। उन्होंने भारत की ओर से जताए गए बातचीत के इरादे की भी सराहना की। गिलानी ने कहा, "राजनेता सेतु बनाते हैं, दीवार नहीं। भारत के बातचीत शुरू करने के इरादे का मैं सराहना करता हूं।"
बातचीत सिर्फ आतंकवाद तक सीमित न रहे
गिलानी ने एक टेलीविजन चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, "ऐसा इरादा है कि हमारे बीच युद्ध नहीं होगा। परंतु इरादे कभी बदल सकते हैं। खतरा भी है, इसीलिए हम बातचीत चाहते हैं।" मुंबई हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ वार्ता स्थगित कर दी थी। अब भारत की ओर से बातचीत आरंभ करने की बात सामने आई है।
पाकिस्तान का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत आतंकवाद के मुद्दे तक ही सीमित नहीं होनी चाहिए। उसने कहा है कि बातचीत में कश्मीर, सियाचीन सहित सभी मुद्दों को शामिल किए जाना चाहिए।
यह बात तय है कि गिलानी का यह बयान भारत-पाक के बीच होने वाली सचिव स्तर की वार्ता में सकारात्मक भूमिका अदा कर सकता है। सचिव स्तर की वार्ता से दोनों देशों में एक बार फिर अमन के फूल खिलने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।












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