भावनाओं के प्रति सचेत नहीं रह पाते चिंता में डूबे रहने वाले लोग
स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन (एसयूएसएम) द्वारा किए गए अध्ययन में इस संबंध में जानाकारी दी गई है। शोध रिपोर्ट के अनुसार सामान्य चिंता विकार (जीएडी) में व्यक्ति के अंदर भय और असुरक्षा की भावना बहुत बढ़ जाती है। व्यक्ति लगातार चिंता से ग्रस्त रहने लगता है, जिससे उसकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगती है।
शोध की अगुवाई करने वाले मनोरोग एवं व्यवहार विज्ञान सहायक प्रोफेसर अमित एटकिन ने कहा कि मरीज लगातार चिंता से ग्रस्त रहता है और नकारात्मक उत्तेजनाओं को तेजी से प्रदर्शित कर देता है।
इस शोध के लिए एटकिन ने 17 जीएडी से ग्रस्त और 24 स्वस्थ लोगों के साथ एक परीक्षण किया जिसमें देखा कि जब दोनों वर्गो के लोग भावना-संबंधी काम करते वक्त इनके व्यवहार में क्या परिवर्तन होता है।
इस परीक्षण में 'डर' या 'खुशी' जैसे शब्दों के साथ लोगों को खुश और डरे हुए चेहरे दिखाए गए। इसके बाद एक बटन बॉक्स से प्रत्येक के चेहरे की अभिव्यक्ति देखी गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications