पाकिस्तानी आतंकी संगठनों को पराजित किया जाएगा : प्रधानमंत्री (राउंडअप इंट्रो-1)
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। प्रधानंमत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को ऐलान किया कि जम्मू एवं कश्मीर में गड़बड़ी पैदा करने की कोशिशों को कड़ाई के साथ कुचल दिया जाएगा।
मुंबई हमले के बाद आंतरिक सुरक्षा पर तीसरी बार आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने कहा कि सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी संगठनों को पराजित कर दिया जाएगा।
मनमोहन सिंह ने कहा, "जम्मू एवं कश्मीर इन संगठनों की कार्रवाइयों का खामियाजा भुगतता रहता है। पूर्वोत्तर में भी हिंसा और आतंकवाद है। कई राज्य वामपंथी चरमवाद से प्रभावित हैं। जिसे अतीत में मैंने देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया है।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "आप सभी सुरक्षा संबंधी प्रमुख खतरों से वाकिफ हैं। विरोधी गुट और तत्व देश में आतंकवादी गतिविधियों को संचालित कर रहे हैं। वे हमारे देश में आतंकवादी गतिविधियां फैलाने की साजिश रच रहे हैं।"
प्रधानमंत्री ने जम्मू एवं कश्मीर में सीमा पार से हो रही घुसपैठ की घटनाओं पर भी चिंता जाहिर की लेकिन उन्होंने कहा कि राज्य में आतंकवादी घटनाओं में 'उल्लेखनीय कमी' आई है। जम्मू एवं कश्मीर की कुछ घटनाएं परेशान करने वाली हैं।
मुंबई में वर्ष 2008 में हुए आतंकवादी हमलों को ध्यान में रखते हुए देश में तटीय सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत पर बल देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "नवंबर 2008 में मुंबई में हुए आतंकवादी हमले ने हमें तटीय सुरक्षा और मजबूत बनाने के लिए सचेत कर दिया है। कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय तटीय सुरक्षा समिति गठित की गई है।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "अत्यंत सतर्कता तथा केंद्र व राज्य सरकारों के निरंतर और समन्वित प्रयासों की जरूरत है। हमें समय-समय पर प्रणालियों की समीक्षा और देश व नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।"
जाली नोटों की तस्करी संबंधी सभी मामलों की जांच में तेजी लाने की बात करते हुए उन्होंने कहा कि जाली नोट से अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सीमा पार से जाली नोटों की तस्करी अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा, "जाली नोट सीमा पार से देश में पहुंचते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र को समन्वित प्रयास करने होंगे। हमारी अर्थव्यवस्था पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ता है।"
अपनी शुरुआती टिप्पणी में चिदंबरम ने लगभग प्रधानमंत्री के ही सुर में सुर मिलाया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष के प्रारंभ से ही जम्मू एवं कश्मीर में घुसपैठ के स्तर में बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही चिदंबरम ने कहा कि पाकिस्तान की अंधी ताकतें राज्य में गडबड़ी पैदा करने के अपने मकसद में कामयाब नहीं हो पाएंगी।
चिदंबरम ने कहा, "आतंकियों के हथियार हिंसा ही हिंसा हैं। उनका मकसद कश्मीर को जबरन हथियाना है। लेकिन मैं साफ कर दूं कि ये अंधी ताकतें अपने मकसद में सफल नहीं होंगी। जहां भी और जब भी हमारा उनसे मुकाबला होगा हम उन्हें पराजित करेंगे।"
नक्सली हिंसा का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा कि नक्सल प्रभावित सभी छह राज्यों ने नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने की केंद्र सरकार की कार्य योजना का स्वागत किया है।
रमन, मोदी ने की मनमोहन-चिदम्बरम की तारीफ :-
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह ने नक्सली हिंसा से निपटने के सिलसिले में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की है।
रमन सिंह ने कहा, "पिछले सात वर्षो के अनुभवों की तुलना में केंद्र सरकार से हमें अच्छा समर्थन मिला है। नक्सलियों से लड़ने के मामले में हम बेहतर और विश्वस्त महसूस कर रहे हैं।"
रमन सिंह ने बाद में पत्रकारों से चर्चा में कहा, "चिदम्बरम की सोच स्पष्ट है जबकि प्रधानमंत्री भी इसे गंभीरता से ले रहे हैं।"
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सुरक्षा के मुद्दे पर रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम की सराहना की। मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने आए मोदी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "राज्यों से जब भी कुछ मांग की गई है तो गृह मंत्री और गृह सचिव का रुख हमेशा ही सकारात्मक रहा है।"
उल्लेखनीय है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आतंकवाद और सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाती रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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