चिदंबरम ने जिहाद की धमकी को खारिज किया
चिदंबरम से पूछा गया कि जब हाफिज सईद पाकिस्तानी जमीन से आतंकी धमकी दे रहा है, ऐसे समय में वह इस्लामाबाद के साथ बातचीत के प्रस्ताव को कैसे उचित ठहराते हैं। इस पर चिदंबरम ने कहा, "भारत सरकार हाफिज सईद के साथ बातचीत नहीं करने जा रही है। सरकार ने पाकिस्तान के साथ बातचीत का प्रस्ताव दिया है। ऐसे में क्या, कब, कहां, कैसे और कितना जैसे सवालों का जवाब मैं नहीं जानता।"
चिदंबरम राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आंतरिक सुरक्षा पर आयोजित बैठक के अंत में संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे।
चिदंबरम को लश्कर के फ्रंटल संगठन जमात-उद-दावा द्वारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आयोजित एक भारत विरोधी जिहाद रैली के बारे में याद दिलाया गया। उसके एक दिन बाद लाहौर में आयोजित ठीक इसी तरह की एक रैली में सईद ने चिदंबरम से कहा था कि पहले वह उससे बातचीत करें।
सईद ने लाहौर रैली में कहा था, "कश्मीर को आजाद करो। अन्यथा हमारे सामने जिहाद का विकल्प खुला हुआ है।"
चिदंबरम ने कहा कि चार फरवरी को आयोजित जिहाद रैली से साफ है कि ये आतंकी संगठन भारत के खिलाफ हैं। इस जिहाद रैली में लश्कर और हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने हिस्सा लिया था।
चिदंबरम ने कहा, "आतंकियों के हथियार हिंसा ही हिंसा हैं। उनका मकसद कश्मीर को जबरन हथियाना है। लेकिन मैं साफ कर दूं कि ये अंधी ताकतें अपने मकसद में सफल नहीं होंगी। जहां भी और जब भी हमारा उनसे मुकाबला होगा हम उन्हें पराजित करेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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