गुजकोक संविधान की भावना के अनुरूप नहीं : चिदम्बरम
चिदम्बरम ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को मैं बड़े सम्मान के साथ यह बताना चाहता हूं कि भारत सरकार और राष्ट्रपति किसी भी विधेयक को तभी मंजूरी दे सकती हैं जब वह संसद की भावना के अनुरूप हो।"
उन्होंने कहा, "गुजकोक के प्रावधान संसद की मौजूदा भावना के पक्ष में नहीं है। इस विधेयक में संसद और संविधान की भावना निहित होनी चाहिए। गुजकोक में ऐसा नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि गुजरात विधानसभा द्वारा पारित गुजकोक को केंद्र सरकार द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने को मोदी ने गुजरात के साथ अन्याय करार देते हुए आज कहा, "यह विधेयक दो-तिहाई बहुमत से गुजरात विधानसभा से पारित हुआ है। हमने 2004 में इसे केंद्र के पास भेजा लेकिन उन्होंने इसे लौटा दिया। इसमें वही सारे प्रावधान हैं जो महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) में हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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