आतंकवाद से लड़ने के लिए सख्त कानून जरूरी : मोदी (लीड-1)
नई दिल्ली, 7 फरवरी (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सीमा पार आतंकवाद से लड़ने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की जरूरत पर बल दिया। गुजरात संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक (गुजकोक) को हरी झंडी न दिए जाने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना भी की।
आंतरिक सुरक्षा पर मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने आए मोदी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "हमें अपने सुरक्षा बलों को मजबूत बनाने के लिए नई तकनीकों की आवश्यकता है। साथ ही सीमा पार आतंकवाद से निपटने के लिए कड़े कानूनों की भी जरूरत है।"
उन्होंने कहा, "हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं और ऐसे कानून मानवाधिकारों की भी रक्षा करेंगे।"
इससे पहले मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा को संगठित अपराध और आतंकवाद से खतरा है। इस चुनौती से निपटने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ-साथ कड़े कानूनों की भी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, "ऐसी समस्याओं से निपटने के लिए हमारे नीतिगत फैसले और कानून कड़े होने चाहिए। आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर हमारे प्रयासों को मजबूती देने के लिए आवश्यक व उपयुक्त कानूनी प्रावधानों का न होना मेरे लिहाज से हमारे लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात है।"
गुजरात विधानसभा द्वारा पारित गुजकोक को केंद्र सरकार द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने को गुजरात के साथ अन्याय करार देते हुए मोदी ने कहा, "यह विधेयक दो-तिहाई बहुमत से गुजरात विधानसभा से पारित हुआ है। हमनें 2004 में इसे केंद्र के पास भेजा लेकिन उन्होंने इसे वापस लौटा दिया। इसमें वही सारे प्रावधान हैं जो महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) में हैं।" मोदी लंबे समय से इस विधेयक को मंजूरी के लिए केंद्र सरकार के पास भेज रहे हैं।
मुंबई हमले के संदर्भ में पाकिस्तान को दिए गए दस्तावेजों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि देश में ही ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए ताकि हमें अपने देश के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बाहरी ताकतों के भरोसे नहीं रहना पड़े।
मोदी ने कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि हम ताकतवर हैं लेकिन देश के बाहरी और विघटनकारी तत्वों को भी इसका अहसास कराया जाना जरूरी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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