पर्यावरण को बचाने के लिए हो सुधारात्मक कार्रवाई : एन. एन. वोहरा
चंडीगढ़, 7 फरवरी (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल एन. एन. वोहरा ने रविवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन, कृषि उपज में ठहराव, कृषि योग्य भूमि में लगातार कमी, जल प्रदूषण और पर्यावरण क्षरण जैसे मुद्दों का हल निकालने के लिए एक समयबद्ध रणनीति की जरूरत है।
पंजाब विश्वविद्यालय में आयोजित 13वीं विज्ञान कांग्रेस के उद्घाटन अवसर पर उन्होंने कहा, "हम पर्यावरण संबंधी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। मिट्टी की ऊपरी परत में कटाव के चलते खेती योग्य उपजाऊ जमीन कम होती जा रही है। हाल में हुए एक शोध से पता चला है कि यदि ऊपरी परत का कटाव इसी तरह जारी रहा, तो 60 साल बाद हमारे पास कृषि योग्य जमीन ही नहीं बचेगी। हमारी खेती योग्य जमीन से हर साल ऊपरी परत वाली 75 अरब टन मिट्टी का कटाव होता है। "
इस सम्मेलन में विभिन्न मुद्दों तथर चुनौतियों पर चर्चा के लिए 500 से ज्यादा वैज्ञानिक, शिक्षाविद और जलवायु विशेषज्ञ यहां एकत्र हैं।
वोहरा ने कहा, "ओजोन परत में क्षय के लिए मानव जिम्मेदार है। इसके अलावा हम वातावरण में कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ाने के लिए भी जिम्मेदार हैं।"
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए हमें बिना किसी देरी के सुधारात्मक कार्रवाई करनी चाहिए। जलवायु और पर्यावरण को बचाने के लिए हमें अपनी रणनीति पर दोबारा विचार करके नए सिरे से काम करना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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