अमेरिका का कश्मीर के मसले पर मध्यस्थता से इंकार
अरुण कुमार
वाशिंगटन, 4 फरवरी (आईएएनएस)। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाएगा लेकिन दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती लाने और तनाव घटाने के प्रयासों को प्रोत्साहन देगा और उनकी सराहना करेगा।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के लिए विशेष अमेरिकी प्रतिनिधि रिचर्ड हॉलब्रुक ने बुधवार को ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टॉफ एडमिरल माइक मुलन के उस बयान पर अमेरिकी रुख स्पष्ट किया जिसमें मुलन ने भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे पर दोबारा बातचीत शुरू करने के लिए पिछले दरवाजे की कूटनीति की जरूरत बताई थी।
हॉलब्रुक ने कहा कि इस मुद्दे पर वह सिर्फ खुद का ही नहीं, अमेरिकी रुख भी स्पष्ट कर रहे हैं।
अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत की भूमिका पर उन्होंने कहा, " भारत, दक्षिण एशिया का एक बड़ा देश है। हालांकि, भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर मेरी जिम्मेदारी नहीं है लेकिन इन मसलों पर उनका महत्व होने की वजह से मैं अक्सर नई दिल्ली जाता रहता हूं। "
अफगानिस्तान पर 28 जनवरी को हुए लंदन सम्मेलन के संदर्भ में उन्होंने कहा, "दो सप्ताह पहले मैं भारत में था। दो दिन बाद मैं म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में फिर भारतीय अधिकारियों से मिला। फिर लंदन में भी मैंने उन अधिकारियों से बातचीत की, जिनसे मैं भारत में मिला था।"
उन्होंने कहा कि भारत के इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी हित हैं। साथ ही पाकिस्तान, चीन और अफगानिस्तान के अन्य पड़ोसी देशों के भी सुरक्षा हित हैं। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में जारी युद्ध का समाधान खोजने के लिए हरेक देश के सुरक्षा हितों को ध्यान में रखना होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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