मानवीय गलती से लगी थी जयपुर आईओसी डिपो में आग

जांच समिति के प्रमुख एम.बी.लाल ने यहां मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, "दुर्घटना के मूल कारण के केंद्र में लिखित संचालन प्रक्रियाओं क अभाव, अंदरूनी हिस्सों में रिसाव रोकने वाले उपकरणों की अनुपस्थिति और खतरों व उनके परिणामों के बारे में अपर्याप्त समझ रही है। आग लगने से पहले तकरीबन 1 घंटा, 20 मिनट तक टैंक नम्बर 401ए से लगातार पैट्रोल बहता रहा। उस वक्त वहां मौजूद आईओसी के अधिकारी पैट्रोल रिसने के कारण उस टैंक का स्विच बंद करने में असफल रहे। जबकि कंट्रोल रूम में लगा स्विच 2003 से खराब था ।"
जयपुर के इंडियन ऑयल डिपो में लगी यह आग 11 दिनों तक रही। इसमें 11 लोगों की जान गई और तकरीबन 280 करोड़ की संपत्ति का नुकसान हुआ। ज्ञात हो कि सात सदस्यीय जांच समिति ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा को इस दुर्घटना पर अपनी रिपोर्ट सोमवार को सौंप दी थी।












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