कांग्रेस का पलटवार, बाल ठाकरे ने संतुलन खोया (लीड-2)

उधर, इस विवाद का असर मुंबई फिल्म जगत पर भी पड़ता दिख रहा है। शिव सेना की धमकी के बाद मुंबई के कई सिनेमाघरों ने बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान की नई फिल्म 'माइ नेम इज खान' के पोस्टर व होर्डिग हटा दिए हैं।

मुंबई के बारे में राहुल गांधी की टिप्पणी पर बाल ठाकरे ने बुधवार को तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए उन्हें कुंठाग्रस्त बताया और कहा कि उनकी पार्टी को कांग्रेस से सीख नहीं चाहिए।

पार्टी के मुखपत्र सामना में लिखे एक संपादकीय में ठाकरे ने कहा, "कुंठित राहुल कहते हैं कि 26/11 के मुंबई हमले के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में शामिल वे उत्तर भारत के ही कमांडो थे जिन्होंने इस महानगर को बचाया। ऐसा संवेदनहीन बयान देकर उन्होंने उन मराठा शहीदों का अपमान किया है जिन्होंने अपनी जान की आहुति दी।"

उन्होंने कहा कि शिव सेना ने कभी भी मुंबई को भारत से अलग करने की बात नहीं की। उन्होंने कहा, "इस मुद्दे पर हमें उस कांग्रेस से सीख नहीं चाहिए, जो देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार है। देश को बांटने वाले अब एकता की बात करते हैं।"

संपादकीय में ठाकरे ने कहा कि जब भी देश में आतंकवादी हमले हुए हैं, तब शिव सेना ने कहा है कि सिर्फ हिन्दुत्च ही इसके खिलाफ लोगों को एकजुट कर सकता है। "लेकिन कांग्रेस का 'हिन्दुत्व' शब्द से ही एलर्जी है। नेहरू-गांधी परिवार खासकर यही मानता रहा है कि सिर्फ मुसलमानों को साधकर ही देश में राष्ट्रीय एकता कायम रखी जा सकती है।"

उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जिसने भी मराठियों को चुनौती दी है, उसे उनके समक्ष झुकना पड़ा है। "राहुल गांधी को इतिहास की जानकारी नहीं है। उन्हें पता होना चाहिए कि उनके दादाजी पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगनी पड़ी थी।"

ठाकरे ने कहा कि मुंबई पर सारे देश का हक है लेकिन इस पर पहला हक महाराष्ट्र की भूमि पर पैदा हुए उन लोगों का है जो मराठी बोलते हैं।

राहुल ने मंगलवार को पटना में कहा था कि देश का हर हिस्सा भारतीयों का है और हर भारतीय को कहीं भी आने-जाने और काम करने का अधिकार है।

इस पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने बुधवार को वाराणसी में कहा कि ठाकरे सिर्फ कागज के शेर हैं। उनके बयानों पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत नहीं।

शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को लपेटे में लेते हुए सिंह ने कहा कि ये लोग हिंसा और मारपीट के जरिए मीडिया में सुर्खियां बंटोरना चाहते हैं। इनमें साहस नहीं है। अगर साहस होता तो मुंबई हमले के एक महीने बाद तक ये बिलों में छिपे बैठे नहीं होते।

नई दिल्ली में पार्टी नेता अहमद पटेल ने कहा कि कुछ लोगों को एक उम्र के बाद सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेना चाहिए।

पटेल ने कहा, "कुछ लोग उम्र बढ़ने के बाद संतुलन खो बैठते हैं। उन्हें नहीं पता होता कि क्या कहना चाहिए और क्या नहीं कहना चाहिए।"

पटेल ने कहा कि ठाकरे अपने आप को महाराष्ट्र के लोगों का प्रवक्ता बनने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वहां की जनता उसी व्यक्ति को चुनावों में खारिज कर चुकी है।

उधर, शाहरुख द्वारा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के शामिल होने की वकालत किए जाने के मुद्दे पर शिव सेना ने उन्हें निशाना बना रखा है। पार्टी ने शाहरुख पर पलटवार करते हुए कहा था कि शाहरुख को मुंबई हमले के आरोपी कसाब को अपनी टीम का कप्तान और संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को उपकप्तान बनाना चाहिए।

शिव सेना के आक्रामक तेवरों के मद्देनजर बुधवार को शाहरुख की फिल्म के पोस्टरों व होर्डिगों को सभी सिनेमा घरों से हटा दिया गया। आशंका जताई जा रही है कि इस फिल्म के प्रदर्शन में भी शिव सैनिक बाधा डाल सकते हैं। आगामी 12 फरवरी को यह फिल्म प्रदर्शित होनी है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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