शिमला में महात्मा गांधी के दुर्लभ चित्रों की प्रदर्शनी
हिमाचल प्रदेश में संस्कृति और भाषा निदेशालय के प्रमुख प्रेम प्रसाद पंडित ने आईएएनएस को बताया, " महात्मा गांधी से जुड़े 150 से अधिक दुर्लभ चित्रों को छह दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी को बापू के शहादत दिवस के दिन आम जनता के लिए खोल दिया गया है। ब्रिटिश शासकों और स्वतंत्रता सेनानियों से मिलने के लिए महात्मा गांधी द्वारा किए गए शिमला दौरे से जुड़े 35 चित्रों को भी इस प्रदर्शनी में शामिल किया गया है।"
संस्कृति मंत्रालय ने गांधी हेरिटेज समिति का गठन किया था जिसने इन दुर्लभ चित्रों की सूची तैयार की है। इस समिति के मुताबिक राष्ट्रपिता ने 1911 से 1946 के बीच कम से कम 11 बार शिमला का दौरा किया था।
मदन मोहन मालवीय और लाला लाजपत राय के साथ महात्मा गांधी पहली बार 12 मई 1921 को तत्कालीन वायसराय लॉर्ड रीडिंग से मिलने के लिए शिमला आए थे। इस दौरान वह चाकर क्षेत्र के शांति कुटी में ठहरे थे।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रपौत्र और गांधी हेरिटेज समिति के अध्यक्ष रह चुके गोपालकृष्ण गांधी देश के उन स्थानों को विरासत स्थल के रूप में विकसित करने की मांग कर चुके हैं जिन स्थानों का दौरा महात्मा गांधी ने किया था।
गत वर्ष अक्टूबर में शिमला दौरे पर आए गोपालकृष्ण ने आईएएनएस से कहा, "महात्मा गांधी जिन स्थानों पर ठहर चुके हैं या फिर दौरा कर चुके हैं उन स्थानों को विरासत स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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