विकास दर 7.5 फीसदी रहेगी : आरबीआई
आरबीआई ने इससे पहले विकास की दर छह से साढ़े छह फीसदी के बीच रहने का अनुमान लगाया था।
शुक्रवार को जारी तिमाही मौद्रिक समीक्षा में आरबीआई ने कहा, "कृषि क्षेत्र में शून्य फीसदी की विकास दर के बावजूद औद्योगिक उत्पादन व सेवा क्षेत्र में हो रहे सुधार के आधार पर वर्ष 2009-10 के दौरान सकल घरेलू उत्पाद की दर बढ़कर अब 7.5 फीसदी रहने का अनुमान है।"
आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया है, "वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की उच्च कीमतों और घरेलू स्तर पर मांग और आपूर्ति के संतुलन को देखते हुए मार्च के अंत तक थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति की दर 8.5 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है।"
वाणिज्यिक बैंकों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के समक्ष तिमाही मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए आरबीआई के गवर्नर डी. सुब्बाराव ने यह अनुमान लगाया कि अगले वित्त वर्ष में देश की विकास दर 7.5 फीसदी पर बनी रहेगी।
सुब्बा राव ने कहा, "वित्त वर्ष 2010-11 के लिए विकास दर के साथ मुद्रास्फीति के बारे में हम अपना अनुमान अप्रैल में घोषित करेंगे। लेकिन सामान्य मानसून और वैश्विक तेल की कीमतों को देखते हुए अगले वर्ष के दौरान विकास दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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