उच्च कृषि उत्पादन से घटेगी महंगाई : राष्ट्रपति (लीड-1)
राष्ट्रपति ने 61वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में कहा, "हमारे देश के साथ ही पूरी दुनिया में अनाज की मांग बढ़ गई है।"
राष्ट्रपति ने कहा, "खाद्य उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।"
पाटील ने कहा है, "मैं दूसरी हरित क्रांति की ओर कदम बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आह्वान करती हूं। कृषि में नई प्रौद्योगिकियों, बेहतर बीजों, उन्नत कृषि परंपराओं, प्रभावी जल प्रबंधन का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, साथ ही किसानों को वैज्ञानिक समुदाय के साथ, ऋणदाता संस्थानों और बाजार के साथ संपर्क स्थापित कराने के लिए अपेक्षाकृत अधिक ठोस रूपरेखा बनाया जाना चाहिए।"
देश में पहली हरित क्रांति के चलते वर्ष 1970 और 1980 के दशक के दौरान कृषि उत्पादन में कई गुना बढ़ोतरी हुई थी। नए और उन्नत किस्म के बीजों और बेहतर सिंचाई तकनीक का इस्तेमाल किया गया था, जिससे भारत अनाज का शुद्ध निर्यातक बन गया था।
पाटील ने कहा, "आर्थिक स्तर के ऊंचा होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था अन्य क्षेत्रों में विकास के लिए प्रोत्साहन मुहैया कराएगी और बाजार में मांग पैदा करेगी।"
किसानों के मुद्दे पर आगे बढ़ते हुए पाटील ने कहा कि उद्योग और कृषि के बीच साझेदारी की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए।
वर्ष 2010 को निर्णायक दशक बताते हुए पाटील ने विकास के पिरामिड के निचले पायदान पर स्थित लोगों के विकास को प्रोत्साहित करने वाली नीतियां बनाने की वकालत की।
राष्ट्रपति ने सामाजिक कुरीतियों, खासतौर से महिलाओं के खिलाफ भेदभाव से संबंधित प्रथाओं को मिटाने पर जोर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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