डीम्ड विश्वविद्यालयों की मान्यता रद्द न करे सरकार : सर्वोच्च न्यायालय (लीड-1)
न्यायाधीश दलवीर भंडारी और न्यायाधीश ए. के. पटनायक की खंडपीठ ने विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए डीम्ड विश्वविद्यालयों की स्थिति यथावत बनाए रखने का आदेश दिया।
सरकार के डीम्ड विश्वविद्यालयों का दर्जा समाप्त करने के आदेश के खिलाफ कई विश्वविद्यालयों ने याचिका दाखिल की थी।
न्यायाधीश भंडारी ने कहा, "जब तक मामले में फैसला नहीं हो जाता तब तक आपके विश्वविद्यालय का कुछ नहीं होगा।" न्यायाधीश ने सभी 44 डीम्ड विश्वविद्यालयों को अलग-अलग नोटिस जारी कर उनसे राय मांगी है। मामले की सुनवाई नौ मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इस महीने की 18 तारीख को केंद्र सरकार ने इन संस्थानों का डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा समाप्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय अनुमति मांगी थी जिसके कारण देशभर में छात्रों ने प्रदर्शन किया था।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि उनके मंत्रालय द्वारा एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था जिसने इन 44 संस्थानों के बारे में कार्रवाई रिपोर्ट सौंपी थी। सरकार ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
यद्यपि सिब्बल ने आश्वस्त किया था कि इस कदम से छात्रों को कोई परेशानी नहीं होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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