अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को ड्रोन देने से भारत चिंतित नहीं: वायु सेनाध्यक्ष
यहां एक समारोह में पहुंचे नाईक ने पत्रकारों से कहा, "ड्रोन यानों का इस्तेमान तालिबानी आतंकवादियों के खिलाफ होगा इसलिए हमें कोई परेशानी नहीं है।"
भारतीय वायु सेना (आईएएफ) प्रमुख ने कहा कि इसका भारत से कोई संबंध नहीं है इसलिए वह इसके प्रति अनावश्यक रूप से चिंतित नहीं हैं।
अमेरिकी रक्षा सचिव रॉबर्ट गेट्स ने गुरुवार को इस्लामाबाद में कहा था कि अमेरिका पाकिस्तानी सेना को तालिबानी आतंकवादियों पर काबू पाने में मदद के लिए उसे एक दर्जन ड्रोन यान देने की योजना बना रहा है।
चालक रहित ड्रोन विमान तीन मीटर लंबे होते हैं। इन यानों में लगे सेंसर और कैमरे द्वारा ली गई छवियां धरती पर उनके नियंत्रकों तक पहुंचती रहती हैं। ये सशस्त्र प्रीडेटर और रीपर विमान से छोटे होते हैं।
नाईक ने चौथे एयर चीफ मार्शल एल.एम. कतरे मेमोरियल लेक्चर में कहा कि चालक रहित विमान और मिसाइलें बनने के साथ भविष्य में तकनीकी विकास से सैन्य क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हो सकता है।
एयर फोर्स एसोसिएशन की कर्नाटक शाखा ने हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड और एरोनॉटिकल सोसायटी ऑफ इंडिया की बेंगलुरू शाखा के सहयोग से यह कार्यक्रम आयोजित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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