जम्मू एवं कश्मीर में कड़ी की गई सुरक्षा
एक वरिष्ठ खुफिया अधिकारी ने शुक्रवार को यहां आईएएनएस को बताया, "ऐसी खुफिया जानकारियां मिली हैं कि सामान्य जनजीवन में बाधा उत्पन्न करने के लिए आतंकी इस तरह के और हमले करने की कोशिश कर सकते हैं। इस तरह के हमलों को रोकने के लिए हमने पूरे राज्य में चौकसी बढ़ा दी है।"
पिछले दो दशकों के दौरान गणतंत्र दिवस के आसपास कश्मीर में भारी तनाव की स्थितियां बनी रही हैं। लेकिन इस वर्ष प्रशासन ने श्रीनगर और घाटी के अन्य प्रमुख शहरों और कस्बों में भारी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती कर इस मामले में अभूतपूर्व कदम उठाया है।
शहर में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों को जांच चौकी पर रोक दिया गया है। चौकियों पर स्थानीय पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को तैनात किया गया है। शहर के प्रत्येक संवेदनशील ठिकानों को चारों ओर से कटीले तारों से घेर दिया गया है।
दर्जनों पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को बक्शी स्टेडियम की ओर से जाने वाली सड़कों, गलियों में तैनात कर दिया गया है। इसी स्टेडियम में गणतंत्र दिवस की मुख्य परेड 26 जनवरी को आयोजित की जाने वाली है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "श्रीनगर में तमाम ठिकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं। ये कैमरे गैर कानूनी गतिविधियों से संबंधित किसी भी संदिग्ध आवाजाही पर नजर रखेंगे और उसके चित्र उतार लेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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