रैन बसेरा बने बेघरों के आश्रय स्थल
आगरा, 22 जनवरी (आईएएनएस)। पिछले सप्ताह से लगातार कम होते तापमान और कोहरे से ढके आगरा शहर में बने रैन बसेरे बेघर लोगों के आश्रय स्थल बन गए हैं। एक स्वयं सेवी संगठन (एनजीओ) सालों से बेघर लोगों को सर्दी के दिनों में आश्रय स्थलों में पनाह दे रहा है।
श्रीनाथजी निशुल्क जल सेवा नेटवर्क (एनजीओ) के बांके लाल माहेश्वरी ने आईएएनएस को बताया, "पिछली रात कुछ लोग सर्दी से परेशान थे और कांप रहे थे। सर्दी को दूर भगाने के लिए उन लोगों ने अलाव का सहारा लिया।"
एक ओर जहां सरकारी अधिकारी सर्दियों में बेघर लोगों की इस समस्या की ओर से मुंह फेरे हुए हैं वहीं कुछ स्वयंसेवी संगठन उनकी मदद के लिए आगे आए हैं।
शहरभर में करीब एक दर्जन रैन बसेरा बनाए गए हैं जहां इस कड़ाके की सर्दी में बेघर लोग रातें गुजार सकते हैं। कुछ आश्रय स्थलों में साफ-सुथरे बिस्तर के साथ लोगों के खाने के लिए गुड़ और चना की भी व्यवस्था है। बसंत पंचमी के अवसर पर रैन बसेरा में खीर वितरित की गई थी।
श्रीनाथजी नेटवर्क के माहेश्वरी पिछले 25 सालों से आगरा में जगह-जगह पर रैन बसेरा और पीने के शुद्ध पानी के प्याऊ की व्यवस्था करते रहे हैं।
माहेश्वरी कहते हैं कि रैन बसेरा में करीब तीन महीने के लिए लोगों को निशुल्क बिस्तर मिलता है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक रैन बसेरा में कम से कम 50 लोग ठहरते हैं जबकि मानसिक आरोग्यशाला और एस. एन. मेडीकल कॉलेज के आस-पास बने रैन बसेरा में करीब 100 लोग ठहरते हैं।
माहेश्वरी की संस्था पंजीकृत नहीं है लेकिन फिर भी सालों से जरूरतमंद लोगों के लिए काम कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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