उत्तर भारत कोहरे की चपेट में, 30 रेलगाड़ियां रद्द (राउंडअप)
दिल्ली में गुरुवार को कोहरे ने तो पिछले सात वर्षो का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक 2003 के बाद पहली बार यहां इतना कोहरा छाया। जिसके चलते करीब 100 से ज्यादा घरेलू व अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें और करीब 90 रेल सेवाएं प्रभावित हुईं।
आईएमडी के निदेशक बी.पी. यादव ने आईएएनएस को बताया, "बुधवार रात से ही कोहरा बेहद घना था। वर्ष 2003 के बाद से गुरुवार को सबसे अधिक लंबे समय तक कोहरा छाया रहा। गुरुवार को कोहरे ने पिछले सात साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया।"
बुधवार रात से ही घने कोहरे ने शहर को अपनी चपेट में ले लिया था और गुरुवार सुबह तक दृश्यता शून्य हो गई। मौसम में हुए बदलाव का हवाई व रेल परिवहन पर व्यापक असर हुआ।
इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने बताया, "करीब 100 उड़ानें प्रभावित हुईं। विमान संचालन के लिए कम दृश्यता प्रणालियों को अपनाया गया है और बुधवार रात से ही इनका इस्तेमाल हो रहा है।"
गुरुवार तड़के दृश्यता शून्य थी लेकिन बाद में इसमें थोड़ा सुधार हुआ और सुबह 11.30 बजे हवाई पट्टी पर दृश्यता 750 मीटर हो गई थी।
कोहरे ने रेल सेवाओं को भी बुरी तरह प्रभावित किया। उत्तर रेलवे के एक प्रवक्ता के मुताबिक 30 रेलगाड़ियां रद्द की गई, 20 के समय में बदलाव किया गया और 40 रेलगाड़ियां देरी से चल रही हैं। दिल्ली से गुजरने वाली रेलगाड़ियों में तीन घंटे या उससे अधिक की देरी हो सकती है।
कोहरे के कारण दिल्ली में कई स्थानों पर सड़क परिवहन भी प्रभावित हुआ है हालांकि दिल्ली मेट्रो अपने निर्धारित समय पर चल रही है।
गुरुवार सुबह न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी के मुताबिक अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
चण्डीगढ़ सहित पंजाब और हरियाणा के विभिन्न भागों में भी गुरुवार को घना कोहरा छाया रहा जिससे रेल सेवाओं और सड़क यातायात पर असर पड़ा।
चण्डीगढ़ में भारतीय मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, "इस इलाके में बुधवार रात से ही घना कोहरा छाया रहा। घने कोहरे की वजह से दृश्यता गिरकर 50 मीटर तक पहुंच गई जिससे रेलसेवाएं और सड़क यातायाता प्रभावित हुआ।"
घने कोहरे के कारण चण्डीगढ़ रेलवे स्टेशन पर अधिकांश ट्रेने तीन से आठ घंटे लेट थीं और वहां पर सैकड़ो यात्री फंसे रहे। कम दृश्यता की वजह से सड़क यातायात काफी प्रभावित हुआ।
गौरतलब है कि पंजाब के अमृतसर शहर का तापमान शून्य से एक डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया जो औसत तापमान से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे था।
लुधियाना और पटियाला में तापमान गुरुवार को क्रमश: 4.8 डिग्री सेल्सियस और 4.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं चण्डीगढ़ का तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा, " मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों तक ऐसी ही स्थिति बने रहने की संभावना व्यक्त की है। हम पंजाब और हरियाणा के कुछ भागों में आने वाले दिनों में छिटपुट बारिश भी हो सकती है।"
हरियाणा के अंबाला, हिसार और करनाल में न्यूनतम तापमान क्रमश: 4.3 डिग्री , 4.8 और 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उड़ीसा के विभिन्न भागों में शीत लहर की वजह से जनजीवन प्रभावित हुआ और राज्य में कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान छह डिग्री से नौ डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।
भुवनेश्वर मौसम विभाग के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि भुवनेश्वर से लगभग 200 किलोमीटर दूर कंधमाल जिले के फुलबनी कस्बे में तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो राज्य में सबसे कम है।
उन्होंने कहा कि भवानीपाटन में न्यूनतम तापमान सात, कोरापुट में आठ, सुंदरगढ़ में 8.4, झारसुगडा में 8.4 तथा बोलंगीर में 9.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अधिकारी ने कहा कि बुधवार को राज्य की राजधानी भुवनेश्वर का तापमान 15.2 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 12.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया वहीं कटक का तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस से गिरकर 13.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
अधिकारी ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान उड़ीसा के भीतरी इलाकों में शीत लहर जारी रहेगी।
कश्मीर घाटी एवं लद्दाख क्षेत्र में भी गुरुवार को शीत लहर का प्रकोप जारी रहा और लद्दाख में हुई बर्फबारी की वजह से रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
श्रीनगर में मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, "श्रीनगर में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेह में न्यूनतम तापमान शून्य से सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि कारगिल कस्बे में न्यूनतम तापमान शून्य से आठ डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।"
लेह और कारगिल में पिछले पखवाड़े की तुलना में न्यूनतम तापमान में सुधार हुआ है। इस दौरान न्यूनतम तापमान लगभग शून्य से -18 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया था।
अधिकारी ने बताया, "लद्दाख क्षेत्र में बुधवार को हुई बर्फबारी की वजह से रात के तापमान में वृद्धि के संकेत मिले हैं।"
अगले 48 घंटों के दौरान घाटी में बारिश होने और बर्फ गिरने की संभावना व्यक्त की गई है।
इन सबके बीच, उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से सूरज के दशर्न को तरस गये लोगों को गुरूवार को धूप के दशर्न हुए। हालांकि शीतलहर का कहर बदस्तूर जारी है।
लखनऊ में गुरूवार तड़के कोहरा छाया रहा लेकिन नौ बजे तक वह छट गया और हल्की धूप खिल गई। लोग घरों से बाहर निकलकर धूप का आनंद किया।
पिछले 24 घंटों के दौरान आगरा सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा लुढककर 5.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। राजधानी लखनऊ का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस , झांसी का 7.1 डिग्री सेल्सियस, वाराणसी का 7.9 डिग्री सेल्सियस और इलाहाबाद का 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के निदेशक जे.पी. गुप्ता ने लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि ऐसा कई वर्षो बाद हुआ जब इतने लंबी अवधि (करीब 20 दिन)कड़ाके की सर्दी रही और इस दौरान लगातार दिन का तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि धूप खिलने से दिन के तापमान में वृद्धि हो सकती है। आने वाले दिनों में अब धूप खिलने और सर्दी कम होने की संभावना प्रबल है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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